क्या घी खाने से बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल, जानिए विशेषज्ञों की राय

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 14-07-2026
Does eating ghee raise cholesterol? Find out what experts say.
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नई दिल्ली

भारतीय रसोई में घी का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। दाल, रोटी, खिचड़ी और कई पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद घी के बिना अधूरा माना जाता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में घी को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या घी खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है और क्या यह दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इसका जवाब पूरी तरह हां या नहीं में नहीं दिया जा सकता। घी का असर इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कितनी मात्रा में खाते हैं और आपकी पूरी जीवनशैली कैसी है।

घी क्या है और इसमें क्या होता है

घी मक्खन को गर्म करके तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में मक्खन का पानी और दूध के ठोस तत्व अलग हो जाते हैं और शुद्ध वसा बचती है। यही घी कहलाता है। इसमें विटामिन ए, डी, ई और के जैसे वसा में घुलनशील पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा घी ऊर्जा का अच्छा स्रोत भी माना जाता है। हालांकि इसमें कैलोरी और संतृप्त वसा की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है।

क्या घी सचमुच कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है

विशेषज्ञों के अनुसार, घी में मौजूद संतृप्त वसा कुछ लोगों में एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति के लिए घी नुकसानदायक है। यदि कोई व्यक्ति संतुलित आहार लेता है, नियमित व्यायाम करता है और घी का सेवन सीमित मात्रा में करता है, तो सामान्य परिस्थितियों में इससे गंभीर समस्या होने की संभावना कम रहती है।

डाइट विशेषज्ञों का कहना है कि घी को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। सबसे जरूरी बात मात्रा का ध्यान रखना है। यदि पूरे दिन के भोजन में संतृप्त वसा की मात्रा अनुशंसित सीमा के भीतर रहती है, तो थोड़ी मात्रा में घी संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है।

संतृप्त वसा क्यों है चिंता का विषय

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि अधिक मात्रा में संतृप्त वसा लेने से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। यही कोलेस्ट्रॉल धमनियों में जमा होकर हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है।

मक्खन, घी, क्रीम, वसायुक्त मांस और फुल फैट डेयरी उत्पाद संतृप्त वसा के प्रमुख स्रोत माने जाते हैं। इसलिए इनका सेवन संतुलित मात्रा में करना जरूरी है।

स्वस्थ वसा को दें प्राथमिकता

डॉक्टरों का कहना है कि शरीर को स्वस्थ रहने के लिए वसा की भी आवश्यकता होती है। इसलिए सभी प्रकार की वसा को पूरी तरह छोड़ना सही नहीं है। बेहतर होगा कि भोजन में असंतृप्त वसा वाले स्रोतों को अधिक शामिल किया जाए।

सरसों का तेल, मूंगफली का तेल, तिल का तेल, जैतून का तेल, अलसी, अखरोट और विभिन्न प्रकार के बीज शरीर को स्वस्थ वसा प्रदान करते हैं। ये अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने और खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

किसे घी का सेवन सावधानी से करना चाहिए

यदि किसी व्यक्ति का एलडीएल कोलेस्ट्रॉल पहले से अधिक है, हृदय रोग है, मधुमेह है या मोटापे की समस्या है, तो उसे घी की मात्रा तय करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए। ऐसे लोगों के लिए भोजन की पूरी योजना व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार बनाई जाती है।

घी खाने का सही तरीका क्या है

विशेषज्ञों के अनुसार, घी का सेवन सीमित मात्रा में करना सबसे सुरक्षित तरीका है। इसे संतुलित भोजन का हिस्सा बनाएं, लेकिन अधिक मात्रा में खाने से बचें। साथ ही नियमित व्यायाम करें, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन को प्राथमिकता दें। इससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

निष्कर्ष

घी अपने आप में न तो पूरी तरह हानिकारक है और न ही कोई चमत्कारी भोजन। इसका प्रभाव व्यक्ति की कुल खानपान की आदतों, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। यदि घी का सेवन सीमित मात्रा में किया जाए और भोजन में स्वस्थ वसा का संतुलन बनाए रखा जाए, तो अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए यह संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है। वहीं जिन लोगों को हृदय रोग या उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें घी की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही तय करनी चाहिए।