गुजरात के दिग्गज लोक संगीतकार मीर हाजी कासम 25 मई को पद्मश्री से सम्मानित किए जाएंगे

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 23-05-2026
Veteran Gujarati folk musician Mir Haji Kasam to be honoured with Padma Shri on May 25
Veteran Gujarati folk musician Mir Haji Kasam to be honoured with Padma Shri on May 25

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 मई को राष्ट्रपति भवन में नागरिक अलंकरण समारोह में “हाजी रामकडू” के नाम से मशहूर गुजरात के वरिष्ठ लोक संगीतकार मीर हाजी कासम को पद्मश्री से सम्मानित करेंगी।
 
जूनागढ़ के प्रसिद्ध ढोलक वादक कासम ने छह दशक से अधिक समय तक भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुजराती लोक संगीत परंपराओं को संरक्षित किया और बढ़ावा दिया।
 
बयान के अनुसार, औपचारिक शिक्षा हासिल नहीं होने के बावजूद उन्होंने 10 वर्ष की आयु में अपने संगीत सफर की शुरुआत की और आगे चलकर गुजरात के सबसे प्रसिद्ध लोक कलाकारों में शामिल हो गए।
 
अपनी ऊर्जावान प्रस्तुतियों और ढोलक के साथ अनोखे जुड़ाव के लिए प्रसिद्ध कासम को लोक संगीत प्रेमियों ने “रामकडू” उपनाम दिया।
 
गुजराती भाषा में “रामकडू” का अर्थ खिलौना होता है। उन्हें यह नाम इसलिए मिला क्योंकि वह अपनी कला से ऐसा प्रभाव पैदा करते हैं, जिससे लगता है कि ढोलक “बोल” रही हो।
 
वर्षों तक उन्होंने कई पीढ़ियों के कलाकारों, गुजराती फिल्म जगत की हस्तियों और रेडियो मंचों के साथ काम किया, जिससे पारंपरिक लोक संगीत की धुनों को व्यापक पहचान मिली।
 
कासम ने अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान समेत कई देशों में प्रस्तुति दी है।
 
उन्होंने हजारों सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की लोक परंपराओं को प्रदर्शित किया।
 
संगीत के अलावा कासम अपनी सामाजिक सेवा गतिविधियों के लिए भी जाने जाते हैं। उनकी प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने गौशालाओं के लिए 35,000 से अधिक चैरिटी कार्यक्रम आयोजित किए हैं और जूनागढ़ में जरूरतमंद परिवारों की शादियों में सहयोग के लिए कार्यक्रम भी करवाए हैं।
 
सत्तर वर्ष की उम्र पार करने के बाद भी वह बच्चों और उभरते कलाकारों को निःशुल्क लोक संगीत सिखा रहे हैं।
 
कसम को बीते वर्षों में कई प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी नवाजा गया है, जिनमें गुजरात गौरव पुरस्कार, गुजरात राज्य संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और गुजरात लोक कला राष्ट्रीय पुरस्कार शामिल हैं।