बिहार के करोड़ों के पुल पर उठे भ्रष्टाचार के सवाल

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 23-05-2026
Questions of Corruption Raised Over Multi-Crore Bridge in Bihar
Questions of Corruption Raised Over Multi-Crore Bridge in Bihar

 

अररिया

बिहार में एक बार फिर पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अररिया जिले में परमान नदी पर बना झमटा महिषाकोल पुल में दरारें आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। बताया जा रहा है कि पुल का एक मुख्य पिलर धंस जाने से पुल के कई हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी है।

यह पुल साल 2022 में करीब 7 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से बनाया गया था। लेकिन निर्माण के चार साल के भीतर ही पुल की हालत खराब होने लगी है। पुल की रेलिंग और मुख्य हिस्सों में आई दरारों की तस्वीरें सामने आने के बाद इलाके में चिंता बढ़ गई है।

घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुल निर्माण से जुड़े इंजीनियरों को तत्काल निलंबित किया जाए।

जन सुराज के नेता फैसल जावेद यासीन ने भी पुल निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब पुल का निर्माण हो रहा था, तभी स्थानीय लोगों ने खराब सामग्री इस्तेमाल किए जाने को लेकर चिंता जताई थी।

यासीन ने कहा, “चार साल भी पूरे नहीं हुए और पुल में दरारें आ गईं। निर्माण के समय ही ग्रामीणों ने कहा था कि स्थानीय बालू और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन अधिकारियों ने लोगों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया।”

उन्होंने आरोप लगाया कि इंजीनियरों और अधिकारियों ने उस समय भरोसा दिलाया था कि कोई गलती नहीं होगी और पुल पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। लेकिन अब हालात लोगों के सामने हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल इलाके के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके जरिए करीब 10 से 12 पंचायतों का संपर्क जुड़ा हुआ है। यही रास्ता नेपाल सीमा तक जाने के लिए भी इस्तेमाल होता है। ऐसे में पुल की खराब स्थिति से हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

इस बीच बिहार में एक और पुल को लेकर चिंता सामने आई है। पश्चिम चंपारण जिले में बेतिया और गोपालगंज सीमा के पास स्थित बिसुनपुर मंगलपुर गंडक पुल में भी दरार जैसी स्थिति की खबरें आई हैं। बताया जा रहा है कि पुल के हिस्सों के बीच गैप दिखाई देने लगा है, जिससे लोगों में डर का माहौल है।

कुछ दिन पहले भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा टूटने के बाद भी बिहार की सियासत गरमा गई थी। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने उस घटना के लिए राज्य सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि भ्रष्टाचार की वजह से पुलों की हालत लगातार खराब हो रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक विक्रमशिला सेतु में पहले एक्सपेंशन जॉइंट धंसा और बाद में पिलर नंबर 133 के पास स्लैब नदी में गिर गया। हालांकि उस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद बिहार में पुलों और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोग अब निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।