चंपावत प्रकरण पर उत्तराखंड में सियासी घमासान, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 09-05-2026
Uttarakhand faces political firestorm over Champawat incident
Uttarakhand faces political firestorm over Champawat incident

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 उत्तराखंड के चंपावत में कथित सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण का पुलिस जांच में एक सुनियोजित साजिश के रूप में खुलासा होने के बाद राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अपनी आंतरिक लड़ाई में विपक्ष को घसीटने का आरोप लगाया है, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा ने निराधार मामले के जरिए सरकार और संगठन की छवि खराब करने के लिए कांग्रेस से माफी मांगने को कहा है।
 
छह मई को चंपावत में एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ सल्ली गांव में तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और उसे निर्वस्त्र अवस्था में रस्सियों से बांधकर एक कमरे में बंद कर दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विनोद रावत, नवीन रावत तथा भाजपा नेता पूरन सिंह रावत के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
 
चंपावत, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विधानसभा क्षेत्र है और मामले में भाजपा नेता का नाम आने के बाद कांग्रेस ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए।
 
पुलिस जांच में हालांकि यह मामला झूठा निकला। पुलिस ने इसे पीड़िता का इस्तेमाल कर रची गई सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि यह नामजद आरोपियों से पुरानी रंजिश का परिणाम था।
 
जांच के बाद पुलिस ने पहले नामजद आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए कथित मुख्य साजिशकर्ता कमल रावत, उसकी महिला सहयोगी अर्जिता राय और एक अन्य सहयोगी आनंद सिंह महरा के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर लड़की को बंधक बनाकर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने तथा षड्यंत्र के तहत निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। कमल रावत और अर्जिता राय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
 
बताया जा रहा है कि कमल रावत पहले भाजपा से जुड़ा रहा है, जबकि आनंद महरा कांग्रेस से जुड़े नेता हैं और आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आनंद महरा का बचाव करते हुए कहा कि षड्यंत्र के दोनों पक्ष भाजपा से जुड़े हैं, लेकिन भाजपा कांग्रेस को इसमें घसीटने का प्रयास कर रही है।