साइबर ठगी के पैसे के लेनदेन में शामिल तीन आरोपी गिरफ्तार: दिल्ली पुलिस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 09-05-2026
Three accused involved in cyber fraud money transactions arrested: Delhi Police
Three accused involved in cyber fraud money transactions arrested: Delhi Police

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
दिल्ली पुलिस ने फर्जी आईपीओ निवेश, ‘डिजिटल अरेस्ट’ और विदेशी मुद्रा कारोबार के नाम पर साइबर ठगी कर प्राप्त करीब 1.22 करोड़ रुपये की रकम की लेनदेन करने के लिए अपने खाते का मुहैया कराने के आरोप में गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
 
पुलिस ने बताया कि साइबर प्रकोष्ठ और अपराध शाखा ने साइबर धोखाधड़ी के तीन मामलों का खुलासा किया है, जिनमें पीड़ितों से सोशल मीडिया समूहों, फर्जी वेबसाइट और प्रतिरूपण के माध्यम से फर्जी वित्तीय योजना का प्रलोभन देकर ठगी की थी।
 
पुलिस ने बताया कि 30 मई, 2025 को दर्ज कराई गई पहली प्राथमिकी के मुताबिक पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर के एक निवासी से कथित तौर पर फर्जी शेयर बाजार और आईपीओ योजना का प्रलोभन देकर करीब 46.66 लाख रुपये की ठगी गई।
 
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि ठगी करने के बाद 6.71 लाख रुपये की राशि सूरत स्थित एक कंपनी के बैंक खाते में जमा कराई गई। खाते के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता, जिसकी पहचान राजेश रत्नाभाई हाडिया के रूप में हुई, को गुजरात से गिरफ्तार किया गया।
 
पुलिस ने बताया कि हाडिया ने कथित तौर पर कमीशन के आधार पर साइबर अपराध से प्राप्त राशि के लेनदेन को अंजाम देने के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराया था। यह खाता राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज तीन शिकायतों से जुड़ा पाया गया, जिनमें वर्तमान मामला भी शामिल हैं।
 
पुलिस ने बताया कि 14 अप्रैल दर्ज कराई गई दूसरी प्राथमिकी के मुताबिक शिकायतकर्ता को कथित तौर पर मुंबई अपराध शाखा, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) के अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करने वाले साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया।
 
पुलिस के एक अधिकारी ने, ‘‘गिरफ्तारी का डर दिखाकर पीड़ित से ठगों ने कई बैंक खातों में 36.19 लाख रुपये स्थानांतरित कराएं।’’
 
उन्होंने बताया कि जांच में राजस्थान के कोटा स्थित एक फर्म से जुड़े खातों में 5.90 लाख रुपये जमा कराने की जानकारी मिली।
 
अधिकारी के मुताबिक मामले में पुलिस ने मुसावीर खान को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर कमीशन के आधार पर धोखाधड़ी से प्राप्त राशि के लेनदेन के लिए एक वित्तीय परामर्श फर्म के माध्यम से कई बैंक खाते संचालित करता था।