Uttarakahand CM Pushkar Singh Dhami participates in BJP's 'Drug free Punjab' campaign, takes on AAP government
दसूया (पंजाब)
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने BJP के नशा-विरोधी अभियान में हिस्सा लिया। इसे अगले साल होने वाले राज्य चुनावों से पहले पार्टी की लोगों तक पहुँचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। धामी पंजाब के होशियारपुर ग्रामीण इलाके के मुकेरियां पहुँचे और ट्रैक्टर पर सवार होकर रोड शो में हिस्सा लिया। CM धामी का स्वागत करने के लिए भारी भीड़ जमा हुई और रोड शो के दौरान लोगों की बड़ी संख्या देखी गई। उन्होंने मुकेरियां में एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित किया। धामी ने दसूया में भी प्रचार किया और कहा कि BJP पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ़ अभियान को राज्य के हर घर और हर व्यक्ति तक पहुँचाया जाएगा।
दसूया के दौरे के दौरान धामी ने कहा, "मैं PM मोदी का संदेश और पंजाब को नशा-मुक्त बनाने का संकल्प लेकर आया हूँ। हमारी पार्टी नशीली दवाओं के खिलाफ़ अभियान चला रही है और हर घर और हर व्यक्ति तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।" पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए धामी ने कहा, "AAP सरकार ने तीन महीने के भीतर पंजाब को नशा-मुक्त राज्य बनाने का वादा किया था, लेकिन आज स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है; जो लोग नशीली दवाओं के खिलाफ़ आवाज़ उठाते हैं, उन्हें परेशान किया जाता है और यहाँ तक कि आत्महत्या के लिए मजबूर किया जाता है।"
उन्होंने आगे कहा, "PM मोदी के नेतृत्व में सभी वादे पूरे किए गए हैं—चाहे वह अनुच्छेद 370 को हटाना हो या आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म करना हो। इसी तरह, पंजाब से भी नशीली दवाओं के दुरुपयोग को खत्म किया जाएगा।" धामी ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा चल रहे अभियान को मज़बूत करेगा।
उन्होंने कहा, "केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा हमारे अभियान को गति देगा।"
ये बातें ऐसे समय में कही गई हैं जब BJP अपनी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' चला रही है, जो 18 सितंबर को शुरू हुआ 13 दिन का नशा-विरोधी अभियान है। चार एक साथ चलने वाली यात्राएँ सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी और 30 सितंबर को जालंधर में समाप्त होंगी। अमित शाह जालंधर में समापन कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं। केंद्र सरकार ने 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने का रोडमैप भी तैयार किया है। इसमें सरकार केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच तालमेल, ड्रग नेटवर्क को खत्म करने और रोकथाम व जागरूकता कार्यक्रमों पर ध्यान दे रही है।
पंजाब में सत्ताधारी AAP अलग से अपना 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान चला रही है। इस अभियान में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई, रोकथाम के उपाय, लोगों की भागीदारी और नशे की लत से प्रभावित लोगों का इलाज शामिल है।