Drug use among children is not just a public health issue, it is also a child protection issue: Chief Justice
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि बच्चों द्वारा मादक पदार्थों का सेवन किए जाने की समस्या को केवल जनस्वास्थ्य से जुड़ी चिंता के रूप में नहीं, बल्कि बाल संरक्षण के मुद्दे के रूप में भी देखा जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यहां बिहार लोक भवन में ‘मादक पदार्थों से परे बचपन: संरक्षण, देखभाल और पुनर्वास’ विषय पर ‘पाटलिपुत्र प्रज्ञा प्रवाह’ व्याख्यान देते हुए ‘लांसेट’ के एक हालिया अध्ययन का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अध्ययन के अनुसार भारत में हर पांच में से कम से कम एक किशोर के मादक पदार्थों के सेवन के मध्यम से उच्च जोखिम में होने का अनुमान है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि केवल आंकड़ों से पूरी स्थिति का पता नहीं चलता।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हर आंकड़े के पीछे एक बच्चा है और हर बच्चे की परिस्थितियां दूसरे बच्चे से अलग होती हैं। बच्चों को जोखिम की स्थिति में पहुंचाने वाली परिस्थितियां अलग-अलग होती हैं, इसलिए उनसे निपटने के उपाय भी इन भिन्नताओं को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए।’’