आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी कांग्रेस की एक सलाहकार समिति ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को जारी वीजा रद्द करने की मांग की है। भागवत तीन देशों की यात्रा के तहत न्यूयॉर्क में हैं।
न्यूयॉर्क में, भागवत 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन के इन्फोसिस थिएटर में ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ (सर्व-एकत्व समारोह) को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को अलग-अलग धर्मों के लोगों के मिलन के तौर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आरएसएस प्रमुख विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों के लोगों से बातचीत करेंगे।
अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने एक बयान में कहा, ‘‘अमेरिका में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के दौरे को लेकर संगठन बेहद चिंतित है।’’
यूएससीआईआरएफ ने आरोप लगाया कि आरएसएस से जुड़े संगठनों के सदस्यों ने ‘‘धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसक हमले किए हैं।’’
यूएससीआईआरएफ के अध्यक्ष आसिफ महमूद ने कहा कि आयोग ने अमेरिकी सरकार से धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में शामिल लोगों के खिलाफ ‘‘लक्षित प्रतिबंध’’ लगाने पर विचार करने का आग्रह किया है। इसमें भागवत को जारी वीजा रद्द करना भी शामिल है।