केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कानपुर-कबरई खंड पर 7,145 करोड़ रुपये की राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 01-07-2026
Union Cabinet approves Rs 7,145 crore highway project on Kanpur-Kabrai section
Union Cabinet approves Rs 7,145 crore highway project on Kanpur-Kabrai section

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7,145.14 करोड़ रुपये की लागत से एनएच-34 के कानपुर-कबरई खंड पर बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल के तहत 4/6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड (नियंत्रित पहुंच वाला मार्ग) राजमार्ग परियोजना के निर्माण को बुधवार को मंजूरी दे दी।

आधिकारिक बयान के अनुसार, यह राजमार्ग परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग (ओ) कार्यक्रम के तहत भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
 
परियोजना से कानपुर और कबराई के बीच निर्बाध और तेज संपर्क उपलब्ध होगा। साथ ही सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों से संपर्क भी मजबूत होगा। इससे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों को मध्य प्रदेश के खनिज-समृद्ध, विनिर्माण और कृषि क्षेत्रों से जोड़ने वाला आधुनिक एक्सेस-नियंत्रित आर्थिक गलियारा विकसित होगा।
 
इस 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए तैयार किए गए इस गलियारे से कानपुर और कबरई के बीच यात्रा समय 3.5 घंटे से घटकर 1.5 घंटे रह जाएगा, यानी लगभग 58 प्रतिशत की कमी आएगी। इससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, वाहनों की परिचालन लागत घटेगी और यात्रियों तथा माल की आवाजाही अधिक कुशल बनेगी।
 
यह परियोजना एनएच-34, एनएच-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड तथा राज्य राजमार्ग एसएच-46, एसएच-91, एसएच-10बी और एसएच-42 से रणनीतिक संपर्क भी उपलब्ध कराएगी, जिससे क्षेत्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ बेहतर एकीकरण होगा।
 
यह गलियारा कबरई खनन क्षेत्र से संपर्क को भी मजबूत करेगा, जिससे खनिज, औद्योगिक वस्तुओं, निर्माण सामग्री और कृषि उपज के परिवहन में सुविधा होगी तथा लॉजिस्टिक दक्षता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
 
बयान में कहा गया कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप यह परियोजना 16 आर्थिक केंद्रों से संपर्क बेहतर करेगी। इनमें उन्नाव, बंथर, पंखी, रनिया, जैनपुर, रूमा, चकेरी, सुमेरपुर और भूरागढ़ औद्योगिक क्षेत्र, ट्रांस गंगा इंटिग्रेटेड टाउनशिप, ग्रोथ सेंटर जयपुर, कानपुर नगर नोड तथा बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड शामिल हैं।
 
इसके अलावा यह परियोजना नौ सामाजिक केंद्रों फतेहपुर, महोबा, कानपुर चिड़ियाघर, बुद्ध पार्क, जेके मंदिर एवं गार्डन, राधा कृष्ण मंदिर, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, गोपेश्वर मंदिर और महोबा पर्यटन स्थल से संपर्क को भी मजबूत करेगी।
 
परियोजना के दायरे में 10 लॉजिस्टिक केंद्र भी आएंगे। इनमें कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर, महोबा, कबरई, भरवा सुमेरपुर और बांदा रेलवे स्टेशन तथा कानपुर, चकेरी और खजुराहो हवाई अड्डे शामिल हैं।