बेहतर दाम से सोयाबीन की ओर लौटे किसान, रकबा 10 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 01-07-2026
Farmers return to soybean cultivation due to better prices
Farmers return to soybean cultivation due to better prices

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
प्रसंस्करणकर्ताओं के एक संगठन ने बुधवार को कहा कि पिछले खरीफ सत्र में मक्का की खेती करने वाले कई किसान सोयाबीन की बेहतर कीमतों के कारण तिलहन फसल की ओर लौटे हैं और मौसम अनुकूल रहा, तो मौजूदा सत्र के दौरान देश में इसके रकबे में सात से 10 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है।
 
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के कार्यकारी निदेशक डी एन पाठक ने कहा कि पिछले खरीफ सत्र में मक्का उगाने वाले कई किसानों ने सोयाबीन की बेहतर कीमतों के कारण इस बार बुवाई के लिए तिलहन फसल को तरजीह दी है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘मौसमी परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं, तो देश में सोयाबीन का रकबा पिछले खरीफ सत्र के मुकाबले सात से 10 प्रतिशत बढ़ सकता है। हालांकि, फसल का उत्पादन अगले तीन महीनों के दौरान वर्षा के वितरण पर निर्भर करेगा।’’
 
सोपा के मुताबिक, देश में 2025 के खरीफ सत्र के दौरान 114.56 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन बोया गया था और 920 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की औसत पैदावार के साथ इसका उत्पादन 105.36 लाख टन रहा था।
 
सोपा ने अपने बुवाई सर्वेक्षण के हवाले से कहा कि मानसून में देरी के कारण इस वर्ष सोयाबीन की बुवाई हालांकि देर से शुरू हुई, लेकिन प्रमुख उत्पादक राज्यों में बारिश के विस्तार के साथ बुवाई की रफ्तार तेज हो रही है।
 
सर्वेक्षण के मुताबिक 30 जून तक देश में करीब 29 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुवाई का अनुमान है। इसमें मध्यप्रदेश का 15.56 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र का 8.45 लाख हेक्टेयर और राजस्थान का 3.50 लाख हेक्टेयर रकबा शामिल है।
 
सर्वेक्षण में कहा गया कि मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पर्याप्त वर्षा के बाद सोयाबीन बोए जाने का सिलसिला तेज हो गया है और 15 जुलाई तक राज्य के पूरे संभावित रकबे में बुवाई पूरी होने की उम्मीद है।