Trade agreements eliminate uncertainties, accelerate capital creation: Sebi chief Pandey
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रमुख तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को कहा कि अमेरिका जैसे देशों के साथ व्यापार समझौतों के जरिये व्यापारिक तनाव खत्म होने से अनिश्चितताएं दूर होती हैं जिससे पूंजी सृजन में तेजी आने में मदद मिलती है।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के विदेशी निवेशकों को देश में अधिक धन लगाने के लिए प्रेरित करने के सवाल पर पांडेय ने कहा कि ऐसे कदम निवेश संबंधी फैसलों को ‘‘प्रोत्साहित’’ कर सकते हैं।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘ मूल रूप से जब किसी नियामकीय कार्रवाई का बोझ हटता है और व्यापारिक तनाव खत्म होते हैं, तो पूंजी सृजन की प्रक्रिया हमेशा तेज होती है।’’’
सेबी प्रमुख ने कहा कि अनिश्चितताओं के दूर होने से निवेश निर्णयों को बल मिलता है और पूंजी को लेकर अधिक समझ आती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ कुल मिलाकर मौजूदा हालात में कहा जा सकता है कि व्यापार से जुड़े जो समझौते हुए हैं, उनसे काफी हद तक अनिश्चितताएं दूर हुई हैं।’’
कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार को मजबूती देने के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के इतर बातचीत करते हुए पांडेय ने वायदा-विकल्प सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने के सरकार के प्रस्ताव पर टिप्पणी करने से हालांकि इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘ इस समय हम किसी भी नए कदम पर विचार नहीं कर रहे हैं और जो ढांचा हमने लागू किया है, वही जारी रहेगा।”