No new registrations being made for Kashmiri migrant relief assistance at present: Omar Abdullah
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि घाटी में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार को देखते हुए, फिलहाल कश्मीर प्रवासी राहत सहायता के तहत नए मामलों के पंजीकरण नहीं किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कश्मीरी प्रवासियों की वापसी और पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री के पैकेज का उद्देश्य घाटी में उनकी स्वेच्छा से, सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, इस पैकेज के माध्यम से उन्हें आवास, रोजगार और अन्य सहायता उपायों के जरिए सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना भी है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस सदस्य मुबारक गुल द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में अब्दुल्ला ने कहा, “कश्मीरी प्रवासी राहत सहायता के तहत नए मामलों का पंजीकरण वर्तमान में बंद है। इस संबंध में 12 जुलाई, 2023 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में समीक्षा की गई थी।”
अब्दुल्ला ने कहा, "घाटी में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार को देखते हुए कश्मीरी प्रवासी राहत सहायता के तहत नए पंजीकरण की आवश्यकता को उचित नहीं माना जा रहा है।"
उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए मौजूदा प्रवासी राहत सहायता में वृद्धि के प्रस्ताव पर केंद्र शासित प्रदेश के स्तर पर विचार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय के समक्ष उठाया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कश्मीरी प्रवासियों के लिए 'प्रधानमंत्री वापसी एवं पुनर्वास पैकेज' की घोषणा वर्ष 2009 में की गई थी, जिसका कुल वित्तीय परिव्यय 1,618.40 करोड़ रुपये था।