कश्मीर सॉलिडैरिटी डे ‘पाखंड का प्रतीक’, पाकिस्तान पर गंभीर आरोप: सेंगे सेरिंग

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-02-2026
Kashmir Solidarity Day a symbol of hypocrisy, a serious allegation against Pakistan: Senge Tsering
Kashmir Solidarity Day a symbol of hypocrisy, a serious allegation against Pakistan: Senge Tsering

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
वॉशिंगटन डीसी से आई एक अहम प्रतिक्रिया में इंस्टीट्यूट फॉर गिलगित-बाल्टिस्तान स्टडीज़ (IGBS) के अध्यक्ष सेंगे सेरिंग ने पाकिस्तान द्वारा 5 फरवरी को मनाए जाने वाले कश्मीर सॉलिडैरिटी डे को “पाखंड का दिन” करार दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जिस दिन को कश्मीरियों के साथ एकजुटता के प्रतीक के तौर पर पेश करता है, असल में वह दिन राज्य प्रायोजित प्रचार का हिस्सा है, जिसका मकसद अपने नियंत्रण वाले इलाकों में हो रहे कथित मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाना है।

एक वीडियो बयान में सेंगे सेरिंग ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान (PoGB) और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हालात बेहद गंभीर हैं, लेकिन पाकिस्तान इन सच्चाइयों पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने 5 फरवरी को “कश्मीर हाइपोक्रेसी डे” घोषित करते हुए कहा कि जिस वक्त पाकिस्तान के कब्जे वाले बलूचिस्तान में कथित नरसंहार और दमन जारी है, उस वक्त इस्लामाबाद का कश्मीर पर एकजुटता की बात करना पूरी तरह से खोखला है।
 
सेरिंग ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान, पश्तून इलाकों, PoJK और PoGB में लोगों को बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने तिराह घाटी से लोगों के विस्थापन, राजनीतिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों और अधिकारों की मांग करने वाले नेताओं पर पाबंदियों का ज़िक्र किया। उनका दावा है कि हाल ही में PoJK के मीरपुर और मुज़फ्फराबाद में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान आम नागरिकों की जान गई।
 
उन्होंने कहा कि PoJK में हाल के दिनों में 13 लोगों को दफनाया गया, जिनकी मौत कथित तौर पर पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हुई। सेरिंग के अनुसार, PoJK और PoGB में लोगों को भोजन, बिजली, साफ पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि वहां की ज़मीनें पाकिस्तानी बसने वालों को सौंपी जा रही हैं।
 
इसके उलट उन्होंने जम्मू-कश्मीर की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि भारत के जम्मू-कश्मीर में रहने वाले लोग संवैधानिक अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ समान नागरिक के रूप में जीवन जी रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान पर यह आरोप भी लगाया कि वह झूठे नैरेटिव फैलाकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने की कोशिश करता है।
 
अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर संयुक्त राष्ट्र से अपील करते हुए सेंगे सेरिंग ने कहा कि मौजूदा हालात के लिए पाकिस्तान ही जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि असली एकजुटता तभी मानी जाएगी जब पाकिस्तान कब्जे वाले इलाकों से पीछे हटे और दशकों से चले आ रहे कथित शोषण का मुआवजा दे।