बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा का सवाल ही नहीं : जदयू

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-08-2026
There is no question of reviewing the liquor ban law in Bihar: JDU
There is no question of reviewing the liquor ban law in Bihar: JDU

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में अहम घटक जनता दल यूनाइटेड (जदयू)ने मंगलवार को शराबबंदी कानून की समीक्षा की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया।
 
राजग का यह खंडन गठबंधन में सहयोगी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा बिहार में शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन को लेकर चिंता जताए जाने और गुजरात मॉडल की तर्ज पर इसे लागू करने की मांग किए जाने के कुछ दिन बाद आया है।
 
जदयू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में लागू किए गए शराबबंदी कानून की समीक्षा का कोई सवाल ही नहीं है।
 
बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम अप्रैल 2016 में लागू किया गया था। इसके तहत राज्य में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है।
 
जदयू ने कहा कि शराबबंदी कानून से बिहार में विभिन्न मानकों पर मानव विकास सूचकांक में सुधार हुआ है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेताओं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हैं, ने इसकी सराहना की है।
 
जदयू के वरिष्ठ नेता एवं विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमारे नेता नीतीश कुमार के कार्यकाल में लागू किए गए शराबबंदी कानून की समीक्षा का कोई सवाल ही नहीं है। मैं कहना चाहता हूं कि शराबबंदी कानून से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। इतना ही नहीं, तत्कालीन मुख्यमंत्री कुमार द्वारा राज्य में लागू किए गए शराबबंदी कानून की प्रधानमंत्री मोदी ने भी सराहना की थी।’’
 
मांझी ने हाल में शराबबंदी के क्रियान्वयन में कथित खामियों को उजागर करते हुए कहा था कि इस संबंध में कानून को गुजरात मॉडल की तर्ज पर व्यवस्थित किया जाना चाहिए।
 
उन्होंने कहा था, ‘‘कानून के क्रियान्वयन में खामियों के कारण नैतिक पतन बढ़ रहा है। मैं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बिहार में गुजरात मॉडल की शराबबंदी लागू करने पर विचार करने का आग्रह करूंगा।’’