Shahnawaz Khan: From the soil of Pratapgarh to the World U-20 Championships in Oregon—making history with a long jump.
ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली
18 साल के शाहनवाज़ खान ने अमेरिका के Eugene, Oregon में आयोजित World Athletics U-20 Championships 2026 में पुरुषों की Long Jump में Bronze Medal जीतकर भारतीय Athletics के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया। 7.84 मीटर की उनकी कांस्य पदक जीत भले ही उनके अपने 8.30 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी छोटी रही, लेकिन इसका ऐतिहासिक महत्व कहीं बड़ा है। शाहनवाज़ World Athletics U-20 Championships में पुरुषों की Long Jump में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं।
यह कहानी सिर्फ एक Bronze Medal की नहीं है। यह कहानी है उत्तर प्रदेश के Pratapgarh के एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय Athletics के बड़े मंच तक पहुंचने वाले उस युवा की, जिसने बेहद कम उम्र में पिता को खोया, परिवार की कठिन परिस्थितियों के बीच खेल को अपना रास्ता बनाया और कुछ ही वर्षों में भारत के सबसे चर्चित युवा Long Jumpers में अपनी जगह बना ली।
और सबसे दिलचस्प बात यह है कि इतिहास रचने के बाद भी शाहनवाज़ पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनके लिए 7.84 मीटर सिर्फ Bronze Medal की दूरी नहीं थी, बल्कि उस 8 मीटर के निशान से थोड़ी दूरी थी जिसे वह विदेशी धरती पर अभी तक पार नहीं कर पाए हैं।
World U-20 Championships में Bronze, लेकिन Shahnavaz की नजर Gold से आगे
Oregon के Eugene में World Athletics U-20 Championships के Men's Long Jump Final में शाहनवाज़ ने 7.84 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई और Bronze Medal अपने नाम किया।
Italy के Daniele Leonardo Inzoli ने 7.97 मीटर की छलांग के साथ Gold Medal जीता, जबकि Australia के Mason McGroder ने 7.96 मीटर के Personal Best के साथ Silver Medal हासिल किया। शाहनवाज़ का प्रदर्शन उनके Personal Best 8.30 मीटर से 46 सेंटीमीटर कम रहा। दूसरी ओर, उनके साथी भारतीय Long Jumper R.C. Jithin Arjunan 7.59 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ आठवें स्थान पर रहे।
यानी भारतीय जोड़ी अपने घरेलू और सीज़न के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आसपास भी नहीं पहुंच सकी। लेकिन शाहनवाज़ की Bronze Medal ने एक ऐसा इतिहास जरूर रच दिया, जो भारतीय पुरुष Long Jump के लिए लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
भारत की महिला Long Jump में Shaili Singh 2021 में World U-20 Championships में Silver Medal जीत चुकी हैं। लेकिन Oregon से पहले World U-20 स्तर पर भारतीय पुरुष Long Jump को कोई पदक नहीं मिला था। शाहनवाज़ ने इस कमी को पूरा कर दिया।
Bronze जीतने के बाद भी क्यों खुश नहीं हैं शाहनवाज़?
शाहनवाज़ की कहानी की खूबसूरती यही है कि उनकी महत्वाकांक्षा उनके पदक से बड़ी है। Oregon में Final के दौरान शुरुआती दो प्रयासों के बाद उन्हें cramps की समस्या हुई और बाद में heel में चोट भी लगी। इसका असर उनके बाद के jumps पर पड़ा। वह Eugene में अपने शानदार घरेलू फॉर्म को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोहराना चाहते थे और Personal Best की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। लेकिन शरीर ने उनका साथ पूरी तरह नहीं दिया। उन्होंने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा कि वह अपने jumps से पूरी तरह खुश नहीं हैं और उनका लक्ष्य Personal Best बनाना था। यह निराशा उस खिलाड़ी की मानसिकता को बताती है जो केवल पदक जीतने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सीमाओं को लगातार आगे बढ़ाने के लिए खेल रहा है। और शायद यही वजह है कि Bronze Medal के बावजूद उनकी नजर अब भी एक खास आंकड़े पर टिकी है 8 मीटर।
8 मीटर: शाहनवाज़ का अगला बड़ा मिशन
शाहनवाज़ ने भारत में कई बार 8 मीटर की सीमा पार की है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय धरती पर अभी तक वह ऐसा नहीं कर सके हैं। यही उनके करियर की सबसे दिलचस्प चुनौतियों में से एक है। 2025 में Bhubaneswar में उन्होंने पहली बार 8 मीटर की बाधा पार की थी। World Athletics Bronze Level Continental Tour में उन्होंने 8.04 मीटर की छलांग लगाकर Silver Medal जीता था। वह उनका पहला 8 मीटर से ऊपर का प्रदर्शन था और उसी प्रतियोगिता में उन्होंने अपना Under-18 national record भी बेहतर किया था। इसके बाद 2026 में उनका विकास और तेज हो गया।
अप्रैल 2026 में Karnataka के Tumkur में आयोजित 24th National Junior U-20 Athletics Federation Competition में शाहनवाज़ ने 8.23 मीटर की छलांग लगाई। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने Murali Sreeshankar का 8.20 मीटर का U-20 National Record, जो 2018 से कायम था, तोड़ दिया। Athletics Federation of India के आधिकारिक परिणाम में 8.23 मीटर को National Record, Meet Record और Asian Junior Qualification mark के रूप में दर्ज किया गया। लेकिन उन्होंने यहीं रुकने से इनकार कर दिया।
8.30 मीटर: शाहनवाज़ की सबसे बड़ी छलांग
28 June 2026 को Bhubaneswar के Kalinga Stadium में National Inter-State Athletics Championships के दौरान शाहनवाज़ ने 8.30 मीटर की शानदार छलांग लगाई। इस प्रदर्शन ने उनके नाम को भारत के Senior Athletics landscape में भी मजबूती से स्थापित कर दिया।
Athletics Federation of India के आधिकारिक परिणाम में उन्हें 8.30 मीटर के साथ Murali Sreeshankar के बाद दूसरे स्थान पर दर्ज किया गया और यह Asian Games Qualification mark से भी ऊपर था।
World Athletics की athlete profile में भी शाहनवाज़ का Personal Best 8.30 मीटर दर्ज है, जो 28 June 2026 को बनाया गया था। उनका जन्म 2 February 2008 को हुआ था और 2026 में उनकी उम्र 18 वर्ष है। यानी 18 साल की उम्र में शाहनवाज़ ने 8.30 मीटर तक पहुंचकर खुद को भारत के सबसे होनहार युवा Long Jumpers की कतार में ला खड़ा किया।
शाहनवाज़ खान का सफर: 7.72 से 8.30 मीटर तक
शाहनवाज़ की प्रगति को सिर्फ एक-दो बड़े jumps से नहीं समझा जा सकता। उनका विकास पिछले कुछ वर्षों में लगातार दिखाई देता है।
2024: Under-18 National Champion
दिसंबर 2024 में शाहनवाज़ ने National Junior Athletics Championships में Men's U-18 Long Jump का Gold Medal जीता। उन्होंने 7.72 मीटर की छलांग लगाई और अपने आयु वर्ग में National Champion बने। आधिकारिक परिणामों में भी उनका 7.72 मीटर का प्रदर्शन दर्ज है।
2025: National Games Gold
2025 की शुरुआत में उन्होंने Uttarakhand National Games में Men's Long Jump का Gold Medal जीता। उन्होंने 7.70 मीटर की छलांग लगाई और Senior-level domestic competition में अपनी क्षमता का संकेत दिया। World Athletics और Athletics Federation of India के परिणामों में यह जीत दर्ज है।
अगस्त 2025: पहली बार 8 मीटर पार
Bhubaneswar में World Athletics Bronze Level Continental Tour प्रतियोगिता में शाहनवाज़ ने 8.04 मीटर की Personal Best छलांग लगाकर Silver Medal जीता। वह प्रतियोगिता उनके लिए भावनात्मक भी थी। उन्होंने अपने पिता की याद में अपने bib के पीछे एक संदेश लिखा था। इसी प्रतियोगिता में उन्होंने पहली बार 8 मीटर की सीमा पार की।
2026: 8.23 मीटर और नया U-20 National Record
Tumkur में 8.23 मीटर। यह सिर्फ Personal Best नहीं था—इसने Murali Sreeshankar का 8.20 मीटर का U-20 National Record तोड़ दिया।
2026: Asian U-20 Gold
Hong Kong में आयोजित Asian U-20 Athletics Championships में शाहनवाज़ ने Men's Long Jump का Gold Medal जीता। उन्होंने Final में 7.84 मीटर की छलांग लगाकर Gold अपने नाम किया, जबकि भारत के R.C. Jithin Arjunan ने 7.66 मीटर के साथ Silver जीता।
जून 2026: 8.30 मीटर
Bhubaneswar में उन्होंने 8.30 मीटर की छलांग लगाकर अपने प्रदर्शन का स्तर एक बार फिर ऊपर उठाया।
अगस्त 2026: World U-20 Bronze
और फिर Oregon
7.84 मीटर — Bronze Medal — World Athletics U-20 Championships, भारत के पुरुष Long Jump इतिहास में एक नया अध्याय।
शाहनवाज़ खान कौन हैं?
नाम Shahnavaz Khan
खेल Athletics
इवेंट Men's Long Jump
जन्म 2 February 2008
उम्र 18 वर्ष
मूल स्थान Pratapgarh, Uttar Pradesh
गांव Sangrampur/Madhaipur क्षेत्र, Pratapgarh
राज्य Uttar Pradesh
Personal Best 8.30 मीटर
U-20 National Record 8.23 मीटर के बाद रिकॉर्ड तोड़ा; बाद में 8.30 मीटर तक सुधार
World U-20 2026 Bronze Medal
Asian U-20 2026 Gold Medal
National Games 2025 Gold Medal
U-18 National Championships 2024 Gold Medal
2025 Continental Tour, Bhubaneswar Silver Medal, 8.04m
वर्तमान प्रशिक्षण SAI National Centre of Excellence, Thiruvananthapuram
कोच Bhupinder Singh
Training partner/mentor Murali Sreeshankar
World Athletics की आधिकारिक profile शाहनवाज़ की जन्मतिथि 2 February 2008 और Long Jump Personal Best 8.30 मीटर दर्ज करती है।
Pratapgarh के छोटे से गांव से निकला बड़ा सपना
शाहनवाज़ का जन्म और शुरुआती जीवन Uttar Pradesh के Pratapgarh जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बीता। विभिन्न रिपोर्टों में उनके गांव का उल्लेख Sangrampur और Madhaipur के रूप में मिलता है। Khelo India की athlete listing में भी शाहनवाज़ का जिला Pratapgarh, Uttar Pradesh दर्ज है। यह कोई ऐसा परिवार नहीं था जहां Athletics के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं पहले से मौजूद हों।
शाहनवाज़ की खेल यात्रा में परिवार की भूमिका जरूर रही। उनके रिश्तेदार Mohammad Hadees पूर्व Army athlete और Javelin thrower रहे हैं। उन्होंने शुरुआती दौर में शाहनवाज़ को खेल और training की ओर बढ़ाया।
एक अन्य रिश्तेदार Sharuk/Shahrukh Khan भी Athletics से जुड़े रहे और Steeplechase में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। शाहनवाज़ ने अपने शुरुआती वर्षों में अलग-अलग खेलों में हाथ आजमाया। लेकिन उन्हें महसूस हुआ कि Running की तुलना में Jumping उन्हें ज्यादा स्वाभाविक लगती है। यहीं से Long Jump उनके जीवन का हिस्सा बन गया।
पिता को कम उम्र में खोया, लेकिन सपना नहीं छोड़ा
शाहनवाज़ की कहानी का सबसे भावुक हिस्सा उनके पिता Naseemudin से जुड़ा है। जब शाहनवाज़ करीब 10 साल के थे, तब उनके पिता का बीमारी के कारण निधन हो गया। उनके पिता truck driver थे। 2025 में Bhubaneswar में 8.04 मीटर की छलांग लगाने वाली प्रतियोगिता से पहले शाहनवाज़ ने अपने पिता को याद करते हुए अपने bib पर संदेश लिखा था। वह प्रदर्शन उनके लिए केवल एक athletic breakthrough नहीं, बल्कि पिता को समर्पित एक व्यक्तिगत उपलब्धि भी था।
उनके परिवार की आर्थिक परिस्थितियां भी आसान नहीं रहीं। उनकी मां घर संभालने के साथ खेतों में काम करती हैं और उनके छोटे भाई-बहन अभी पढ़ाई कर रहे हैं। शाहनवाज़ ने पहले भी बताया था कि परिवार के लिए हर पैसा महत्वपूर्ण है। इसी पृष्ठभूमि में उनका Olympic सपना और भी बड़ा दिखाई देता है।
Mohammad Hadees ने दिखाई खेल की राह
शाहनवाज़ को Athletics की ओर ले जाने वालों में उनके रिश्तेदार Mohammad Hadees की अहम भूमिका रही। Hadees स्वयं Javelin thrower रह चुके हैं और Army से जुड़े athlete रहे हैं। ग्रामीण परिवेश में शुरुआती प्रशिक्षण और सुविधाओं की सीमाओं के बावजूद उन्होंने शाहनवाज़ को खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
एक समय शाहनवाज़ को Sports Authority of India के centre में training के लिए Panvel, Mumbai भेजा गया। बाद में उन्होंने अन्य training centres में भी अनुभव हासिल किया और धीरे-धीरे Long Jump में अपनी पहचान बनानी शुरू की। यहीं से उस खिलाड़ी की नींव मजबूत हुई, जो कुछ वर्षों बाद भारतीय Junior Athletics का National Record तोड़ने वाला था।
Coach Bhupinder Singh और Murali Sreeshankar का साथ
आज शाहनवाज़ के विकास में उनके coach Bhupinder Singh की महत्वपूर्ण भूमिका है। 2024 से Bhupinder Singh के मार्गदर्शन में उनके training programme में sprint mechanics, take-off technique, explosive strength और body control पर खास जोर दिया गया।
Coach के अनुसार शाहनवाज़ के खेल में सिर्फ physical improvement नहीं बल्कि mental maturity भी तेजी से आई है। उनकी training का एक और महत्वपूर्ण पहलू है भारत के leading Long Jumper Murali Sreeshankar के साथ अभ्यास।
दोनों Thiruvananthapuram के SAI National Centre of Excellence में training करते हैं। Sreeshankar शाहनवाज़ को technique, run-up और competition management से जुड़ी सलाह देते रहे हैं।
2025 में Bhubaneswar की उसी प्रतियोगिता में जब शाहनवाज़ लगातार fouls कर रहे थे, तब Sreeshankar ने उन्हें run-up control करने और jump पर ध्यान देने की सलाह दी थी। इसके बाद शाहनवाज़ ने 8.04 मीटर की Personal Best छलांग लगाई। यह रिश्ता सिर्फ senior-junior का नहीं, बल्कि एक ऐसे training partnership का है जिसमें भारत के वर्तमान और भविष्य के Long Jump सितारे एक ही runway पर अभ्यास कर रहे हैं।
Shahnavaz Khan के प्रमुख Awards और Achievements
2024 — U-18 National Champion
National Junior Athletics Championships में Men's U-18 Long Jump Gold, 7.72m
2025: National Games Champion
38th National Games में Men's Long Jump Gold, 7.70m
2025: World Athletics Continental Tour
Bhubaneswar में Silver Medal, 8.04m Personal Best और पहली बार 8 मीटर पार
2026: Asian U-20 Champion
Hong Kong Asian U-20 Athletics Championships में Men's Long Jump Gold
026: U-20 National Record
Tumkur में 8.23m, Murali Sreeshankar के 8.20m U-20 record को पीछे छोड़ा
2026: Personal Best 8.30m
Bhubaneswar Inter-State Championships में 8.30m
2026: World Athletics U-20 Championships
Eugene, Oregon में 7.84m के साथ Bronze Medal
ऐतिहासिक उपलब्धि
World Athletics U-20 Championships में Men's Long Jump में भारत का पहला पदक और भारतीय पुरुष Long Jump के लिए World Championships स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धि।
इतना स्पष्ट है कि उनका पूरा युवा जीवन Athletics training और competitions के इर्द-गिर्द विकसित हुआ है। वर्तमान में उनका प्रमुख training base SAI National Centre of Excellence, Thiruvananthapuram है, जहां वह coach Bhupinder Singh के मार्गदर्शन में तैयारी करते हैं।
शाहनवाज़ का सबसे बड़ा सपना: LA 2028 Olympics
18 साल की उम्र में World U-20 Bronze जीतना उनके लिए मंजिल नहीं है। उनके फोन का wallpaper तक उनके बड़े लक्ष्य की ओर इशारा करता है Los Angeles 2028 Olympics।
2025 में पहला international medal जीतने के बाद भी शाहनवाज़ ने Olympics, Asian Games और Commonwealth Games जैसे बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की इच्छा जताई थी। 2026 में उनका immediate target Asian Games qualification और वहां medal जीतना रहा। उनके coach Bhupinder Singh भी लंबे समय के लक्ष्य के रूप में LA 2028 की तैयारी को देखते हैं।
अब World U-20 Bronze के बाद उनका अगला लक्ष्य और साफ दिखाई देता है:
विदेशी धरती पर पहली बार 8 मीटर पार करना। और फिर शायद 8.30 मीटर से आगे जाना। सबसे बड़ी चुनौती अब तकनीक नहीं, निरंतरता है. शाहनवाज़ ने भारत में यह साबित कर दिया है कि उनमें 8 मीटर से काफी आगे जाने की क्षमता है। 8.04m से 8.23m और फिर 8.30m तक की यात्रा सिर्फ एक साल से भी कम समय में हुई है। लेकिन international competition में अभी उनका सबसे बड़ा challenge अपने domestic performances को दोहराना है।
World U-20 Championships में 7.84m का Bronze-winning jump इस अंतर को सामने लाता है। यही अंतर आने वाले वर्षों में शाहनवाज़ के करियर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
अगर वह अपने 8.20m-plus स्तर को international competitions में consistently दोहरा पाए, तो भारतीय Long Jump में एक नया सितारा उभर सकता है। और अगर वह अपनी speed, run-up consistency, take-off और competition temperament को उसी तेजी से विकसित करते रहे जिस तेजी से उनका Personal Best बढ़ा है, तो 8.50 मीटर जैसी सीमा भी भविष्य में उनके लिए असंभव नहीं लगती। उनके coach Bhupinder Singh ने भी 8.50m को long-term frontier के रूप में देखा है।
एक Bronze Medal, जो Gold की भूख छोड़ गया
Eugene की sandpit में शाहनवाज़ ने Bronze जीता। लेकिन उनकी कहानी को सिर्फ Bronze Medal से समझना गलत होगा। यह उस लड़के की कहानी है जिसने बचपन में पिता को खोया। यह उस परिवार की कहानी है जहां मां ने घर और खेत दोनों संभाले।
यह उस गांव की कहानी है जहां world-class athletics infrastructure नहीं था। यह Mohammad Hadees जैसे रिश्तेदारों की कहानी है जिन्होंने उन्हें खेल की राह दिखाई। यह coach Bhupinder Singh की कहानी है जिन्होंने उनकी तकनीक और सोच को तराशा। यह Murali Sreeshankar जैसे senior athlete की कहानी है जिसने junior साथी को अपने अनुभव से आगे बढ़ने में मदद की।
और सबसे बढ़कर, यह उस युवा की कहानी है जिसने 7.72m से शुरुआत की, 8.04m पर दुनिया का ध्यान खींचा, 8.23m पर National Record तोड़ा, 8.30m तक पहुंचा और फिर World U-20 Championships में भारत के पुरुष Long Jump का पहला medal जीत लिया। फिर भी शाहनवाज़ कहते हैं वह अपने jumps से खुश नहीं हैं। शायद यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
क्योंकि जिस खिलाड़ी को Bronze मिलने के बाद भी 8 मीटर पार करने की चिंता हो, जिसकी नजर 8.30 मीटर से आगे हो और जिसका सपना 2028 Olympics हो उसकी कहानी अभी शुरू ही हुई है। Pratapgarh का यह युवा Long Jumper अब सिर्फ भारत की उम्मीद नहीं है। वह भारतीय Athletics के अगले बड़े अध्याय की संभावित शुरुआत है।
Shahnavaz Khan: Quick Facts
नाम: Shahnavaz Khan
उम्र: 18 वर्ष
जन्म: 2 February 2008
जन्म/मूल क्षेत्र: Pratapgarh, Uttar Pradesh
इवेंट: Men's Long Jump
Personal Best: 8.30m
2024: U-18 National Champion
2025: National Games Gold Medalist
2025: Continental Tour Silver, 8.04m
2026: Asian U-20 Gold Medalist
2026: U-20 National Record — 8.23m
2026: 8.30m Personal Best
2026: World U-20 Championships Bronze Medalist
Coach: Bhupinder Singh
Training Centre: SAI National Centre of Excellence, Thiruvananthapuram
बड़ा सपना: Asian Games और Los Angeles 2028 Olympics
ऐतिहासिक उपलब्धि: World Athletics U-20 Championships में Men's Long Jump में भारत का पहला पदक।