राम मंदिर दान विवाद की जांच के लिए गठित एसआईटी ने सरकार को प्रारंभिक प्रतिवेदन सौंपा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 23-06-2026
the Ram Temple donation dispute submitted its preliminary report to the government.
the Ram Temple donation dispute submitted its preliminary report to the government.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
अयोध्या में राम मंदिर दान के वित्तीय प्रबंधन में कथित हेराफेरी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को उप्र सरकार के अपर मुख्‍य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को अपनी प्रारंभिक प्रतिवेदन रिपोर्ट सौंप दी। जांच दल का नेतृत्व कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
 
एसआईटी के अध्यक्ष और लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने पत्रकारों को बताया ‘‘आज हमने शासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी की जांच रिपोर्ट अपर मुख्‍य सचिव (गृह) को सौंपी है। यह एक प्रारंभिक प्रतिवेदन है और उसी क्रम में आज इसे अपर मुख्‍य सचिव को सौंप दिया गया है।’’
 
गबन से जुड़े सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि यह एक गोपनीय जांच हैं और उसे बताने के लिए हम इस समय अधिकृत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जो हमारी जांच थी, वह हमने उपलब्‍ध करा दिया है।
 
विजय विश्वास पंत ने फोन पर पीटीआई-भाषा को बताया कि, "हमने अयोध्या विवाद पर अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।"
 
जब उनसे पूछा गया कि क्या टीम आगे की जांच के लिए अयोध्या वापस जाएगी, क्योंकि आज की रिपोर्ट शुरुआती है, तो उन्होंने कहा कि "बिल्कुल, ज़रूरत पड़ने पर हम ऐसा करेंगे।"
 
जब उनसे रिपोर्ट की जानकारी या शुरुआती रिपोर्ट में दिये गये तथ्यों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह एक गोपनीय रिपोर्ट है। उन्होंने कहा, "इस बारे में कोई भी जानकारी साझा करने या मीडिया से बात करने का फैसला सरकार करेगी।"
 
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से संबंधित आरोपों की जांच के लिए 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
 
अधिकारियों ने बताया था कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई। यह दल तीर्थ क्षेत्र में दान पात्रों के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों की जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा।
 
एसआईटी में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी तथा लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी व पुलिस महानिरीक्षक किरन एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
 
अयोध्या स्थित तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच दल गठित किए जाने का अनुरोध किया था।
 
ट्रस्ट के अनुसार, अफवाहों पर रोक लगाने और मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए इसकी गहन जांच आवश्यक है। यह तीर्थ क्षेत्र की छवि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचाने की गहरी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है।