आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अलप्पुझा से कांग्रेस विधायक ए. डी. थॉमस ने शनिवार को दावा किया कि 2023 के ''नव केरल सदस'' कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के सुरक्षाकर्मियों द्वारा किए गए कथित हमले के मामले में तैयार रिपोर्ट को बदलने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया था।
थॉमस ने कहा कि इस मामले में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) रैंक के एक अधिकारी की भूमिका थी। हालांकि उन्होंने अधिकारी का नाम नहीं बताया।
लेकिन उनके सहयोगी और युवा कांग्रेस के नेता कुरियाकोस ने दावा किया कि उन्हें खबरों से पता चला कि वह अधिकारी एडीजीपी एम आर अजित कुमार थे। कुरियाकोस उस घटना में कथित रूप से हमले का शिकार हुए थे।
दोनों नेता सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष अपना बयान दर्ज कराने से पहले पत्रकारों से बात कर रहे थे।
थॉमस और कुरियाकोस ने कहा कि एसआईटी को उस कथित हस्तक्षेप की भी जांच करनी चाहिए, जिसके तहत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अपराध शाखा द्वारा तैयार प्रारंभिक रिपोर्ट में बदलाव कराया।
दोनों नेताओं ने यह भी कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री विजयन के 4-5 सुरक्षाकर्मियों ने उन पर हमला किया था, लेकिन केवल दो लोगों को आरोपी बनाया गया।
उन्होंने सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूडीएफ) सरकार ने 19 मई को पुलिस अधीक्षक एपी शौकत अली की अध्यक्षता में सात सदस्यीय एसआईटी गठित की थी, जिसे एक महीने में मामले की दोबारा जांच पूरी करके रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया।