एनआईए को सौंपा गया मणिपुर के बिष्णुपुर बम विस्फोट मामले का जांच का जिम्मा

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 06-01-2026
The investigation into the Bishnupur bomb blast case in Manipur has been handed over to the NIA.
The investigation into the Bishnupur bomb blast case in Manipur has been handed over to the NIA.

 

इंफाल/बिष्णुपुर

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में सोमवार को हुए दोहरे बम विस्फोट के मामले की जांच अब राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को सौंप दी गई है, अधिकारियों ने मंगलवार को बताया। इन विस्फोटों से इलाके में तनाव बढ़ा हुआ है और सुरक्षा परिस्थितियों पर गंभीर सुरक्षा चिंताएं उठ रही हैं। 

पुलिस के अनुसार, विस्फोट फौगाकचाओ के न्गाउकॉन गांव में एक खाली पड़े मकान में पहली बार सुबह लगभग 5.45 बजे हुए, जिसमें संभवतः इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का उपयोग किया गया था। इसके लगभग तीन घंटे बाद उसी क्षेत्र से लगभग 200 मीटर की दूरी पर दूसरा विस्फोट हुआ, जब स्थानीय लोग पहले धमाके की खबर सुनकर जमा हुए थे। इन विस्फोटों में दो लोग घायल हुए जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें गंभीर चोटें नहीं आई हैं। 

इन घटनाओं के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया है और संदिग्धों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। बयान में कहा गया कि हिंसा भड़कने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है। 

स्थानीय समुदायों में भी चिंता और गुस्सा बढ़ गया है। विस्फोटों के बाद कुछ ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों की कथित लापरवाही पर नाराजगी जताई और क्षेत्र में सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर विरोध भी किया। हालात को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं। 

मणिपुर में पिछले सालों से जातीय संघर्ष और उग्रवाद के कारण सुरक्षा स्थिति कमजोर बनी हुई है। मई 2023 में शुरू हुए सांप्रदायिक संघर्षों में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और हजारों विस्थापित हो चुके हैं, जिससे राज्य के कई इलाकों में अस्थिरता का माहौल है। इस पृष्ठभूमि में बिष्णुपुर विस्फोट जैसे घटनाक्रम ने स्थिति और तनावपूर्ण बना दी है। 

अब एनआईए जांच मामले की गंभीरता से गहनता से जांच करेगी, ताकि विस्फोटों के पीछे के तंत्र, संभावित एहतियाती कदम और जिम्मेदारों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में शांति बहाल करने और पुनर्वास प्रक्रिया को सुरक्षित रखने के लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।