The government and the party need not have the same stand: CPI(M) on women's entry into Sabarimala
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टा (माकपा) के प्रदेश सचिव एम. वी. गोविंदन ने सोमवार को कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले फिर से उठे शबरिमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर पार्टी और उसकी सरकार का रुख एक जैसा होना जरूरी नहीं है।
गोविंदन ने यहां पत्रकारों से कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने पहले उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुसार सभी आयु वर्ग की महिलाओं के इस मंदिर में प्रवेश का समर्थन किया था।
गोविंदन ने कहा, ‘‘पार्टी का रुख अलग बात है। पार्टी और सरकार का रुख एक जैसा नहीं हो सकता। सरकार का अपना अलग रुख होगा।’’
उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि यह मान लेना उचित नहीं होगा कि माकपा द्वारा एक पार्टी के रूप में या एलडीएफ द्वारा एक मोर्चे के रूप में अपनाया गया रुख सरकार द्वारा उसी रूप में लागू किया जाएगा।
गोविंदन ने इस बात को भी खारिज किया कि शबरिमला मुद्दा माकपा के लिए परेशानी का सबब है।
कुछ समय के विराम के बाद, महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा रविवार को फिर से सामने आया, जिससे केरल में एक नयी राजनीतिक बहस छिड़ गई। विपक्ष ने एलडीएफ सरकार से मंदिर में युवतियों के प्रवेश पर अपना रुख स्पष्ट करने का आग्रह किया।