
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि देश की प्रगति तभी सार्थक होगी जब विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। सामाजिक समरसता को मजबूत करना, शिक्षा के अवसरों का विस्तार करना और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए प्रभावी नीतियों को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है। इस संदर्भ में अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। यह भी रेखांकित किया गया कि आर्थिक विकास के साथ-साथ मानव विकास सूचकांकों और सामाजिक न्याय को समान महत्व दिया जाना चाहिए।

सूत्रों के अनुसार, वक्फ से संबंधित एसआईआर चिंताओं, ऐतिहासिक मस्जिदों और इस्लामी विरासत स्थलों की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विचार किया गया। अल्पसंख्यक छात्रों के लिए चलाई जा रही शैक्षणिक योजनाओं की बहाली, विशेष रूप से मौलाना आज़ाद नेशनल फेलोशिप को लेकर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मलप्पुरम केंद्र के विकास को महत्वपूर्ण बताते हुए इसे शिक्षा के विस्तार और क्षेत्रीय संतुलन की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना गया।
Met Hon’ble Prime Minister @narendramodi today in New Delhi.
— Sheikh Abubakr Ahmad الشيخ أبوبكر أحمد (@shkaboobacker) February 16, 2026
We had a meaningful discussion on various social, humanitarian, educational and developmental matters, along with issues concerning minority welfare and important international developments. I also brought to his… pic.twitter.com/ioxzST5rlZ
बैठक में इस बात पर भी बल दिया गया कि संसाधनों का वितरण जनसंख्या अनुपात और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए, ताकि समावेशी विकास की अवधारणा मजबूत हो सके। केंद्र सरकार और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच प्रभावी संवाद को और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर भी सहमति व्यक्त की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रैंड मुफ्ती के नेतृत्व में देशभर में संचालित शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल समाज में सकारात्मक बदलाव लाती हैं, बल्कि भारत की वैश्विक छवि को भी सुदृढ़ करती हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में समस्त केरल जमीयत-उल-उलेमा के सचिव पीर अब्दुल रहमान साक़ाफी और एसवाईएस के अध्यक्ष डॉ. मुहम्मद अब्दुल हक़ अज़हरी भी उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी ने इस मुलाकात को और अधिक प्रतिनिधिक स्वरूप दिया। कुल मिलाकर, यह मुलाकात सामाजिक सौहार्द, शिक्षा के प्रसार और समावेशी विकास की दिशा में संवाद को मजबूत करने की पहल के रूप में देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवाद देश में आपसी विश्वास को बढ़ाने और विकास की प्रक्रिया को व्यापक आधार देने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।