पालघर (विरार) में इमारत ध्वस्त होने से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 17 हुआ

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 29-08-2025
The death toll in the building collapse in Palghar (Virar) rises to 17 — a new chapter in the horror of the accident
The death toll in the building collapse in Palghar (Virar) rises to 17 — a new chapter in the horror of the accident

 

पालघर

महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में मंगलवार रात एक मल्टी-स्टोरी इमारत के अचानक ढहने से हुई त्रासदी में अब मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। बुधवार और गुरुवार को मलबे से दो और शव बरामद हुए, जिससे इस हादसे की भयावहता और बढ़ गई है।

दुर्घटना का विस्फोटक विवरण

  • इमारत का नाम रमाबाई अपार्टमेंट था, जिसमें लगभग 50 फ्लैट थे, और यह वर्ष 2012 में बना था।

  • यह चार मंजिला इमारत विजय नगर, विरार में स्थित थी और आसपास एक खाली मकान भी था, जिस पर इमारत का एक हिस्सा गिरा।

  • हादसा मंगलवार देर रात करीब 12:05 बजे हुआ। उस समय इमारत की चौथी मंजिल पर एक साल की बच्ची का जन्मदिन समारोह चल रहा था, जब अचानक इमारत के 12 फ्लैट मलबे में दब गए।

  • जिलााधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने पुष्टि की कि इस घटना में 15 लोगों की जान गई थी, जिनमें वह बच्ची भी शामिल थी। बुधवार-गुरुवार को दो और शव बरामद होकर मृतकों की संख्या बढ़ गई।

मृतकों और घायलों की जानकारी

  • अब तक 8 शवों की पहचान निम्नलिखित लोगों के रूप में हुई है:
    गोविंद सिंह रावत (28), शुभांगी पवन साहनी (40), कशिश पवन साहनी (35), दीपक सिंह बेहरा (25), सोनाली रूपेश तेजम (41), हरीश सिंह बिष्ट (34), सचिन नेवालकर (40), और दीपेश सोनी (41)।

  • छह अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

प्रतिक्रियाएँ और सहायता कार्य

  • महाराष्ट्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताया।

अवैध निर्माण और सुरक्षा पर सवाल

  • वीवीएमसी (वसई-विरार नगर निगम) ने बिल्डर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई और उसे गिरफ्तार कर लिया।

  • इस इमारत को अवैध निर्माण माना गया है, और स्थानीय लोगों ने लापरवाही व सुस्ती का आरोप लगाया है, जो इस घटना का कारण बनी।

बचाव कार्य और राहत व्यवस्थाएँ

  • जिला आपदा प्रबंधन प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि हादसे के स्थल पर भारी मशीनरी के जरिए मलबा हटाना मुश्किल था, क्योंकि यह एक भीड़भाड़ वाले इलाका में था।

  • आस-पास की सभी चॉल खाली करवा दी गईं, और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया।

  • वीवीएमसी के असिस्टेंट कमिश्नर गिल्सन गोंज़ाल्विस ने बताया कि सभी प्रभावित परिवारों को चंदनसर समाज मंदिर में अस्थायी आश्रय मिला है, जहाँ उन्हें भोजन, पानी, चिकित्सा सुविधा जैसी आवश्यक सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं।

पालघर (विरार) की यह घटना एक भयंकर मानवीय और संरचनात्मक त्रासदी है, जिसने कई परिवारों को अपूरणीय हानि पहुंचाई। इस हादसे ने यह भी सवाल खड़े किए हैं कि कैसे बिना उचित सुरक्षा उपायों व निरीक्षण के इमारतों में रहने की अनुमति दी गई, जो भुगतान्य रूप से और सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से अक्षम है।

अब जनता और अधिकारी, दोनों ही मामले की गहन जांच, ज़िम्मेदारों की जवाबदेही, और भविष्य में पुनरावृत्ति रोकने के उपाय की मांग कर रहे हैं।