खरगे, राहुल का मोदी को पत्र, जनगणना की प्रश्नावली रद्द कर पार्टियों-विशेषज्ञों से वार्ता का आग्रह

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 25-08-2026
the census questionnaire and hold talks with parties and experts.
the census questionnaire and hold talks with parties and experts.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर जनगणना की प्रश्नावली को लेकर आपत्ति जताई है और मौजूदा प्रश्नावली को रद्द कर राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और जनता से बातचीत के बाद नई प्रश्नावली तैयार करने का आग्रह किया है, ताकि हर जाति और समुदाय की सही संख्या सामने आ सके और जाति जनगणना ‘‘सटीक, सार्थक और लाभकारी’’ हो।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि भारत में सामाजिक न्याय की नीतियां सही आंकड़ों के बिना पूरी नहीं हो सकतीं और अलग-अलग जातियों की संख्या तथा उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सही आकलन तभी संभव है, जब जातियों की गिनती सही तरीके से हो। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने जनगणना में जाति की जानकारी दर्ज करने के लिए अपनाए गए ‘ओपन-एंडेड’ प्रश्न के तरीके पर सवाल भी उठाये।
 
उन्होंने कहा, "इसमें प्रत्येक व्यक्ति अपनी जाति का जो नाम बताएगा, वही दर्ज कर लिया जाएगा। भारत में एक ही जाति अलग-अलग क्षेत्रों में अलग नामों, उपजातियों और भाषाओं से जानी जाती है।"
 
पत्र में कहा गया है, ‘‘ऐसे में यदि एक ही जाति के लोग जनगणना में अलग-अलग नामों से दर्ज होंगे, तो एक जाति हजारों नामों में बंट जाएगी। देश में लाखों जातियों के नाम निकलेंगे, और जाति जनगणना से हासिल पूरा आंकड़ा ही अनुपयोगी हो जाएगा।’’
 
खरगे और गांधी ने 20 अगस्त को लिखे इस पत्र में कहा कि जब किसी समुदाय की सही संख्या दर्ज नहीं होगी तो उसकी स्थिति का आकलन भी गलत होगा। इससे पिछड़े, अति पिछड़े और अन्य वंचित समुदायों को नुकसान होगा तथा शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े फैसले भी प्रभावित होंगे।
 
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरीके से यह पता नहीं चलेगा कि भारत में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी कितनी है, क्योंकि जनगणना में ‘‘पिछड़ा वर्ग’’ शब्द तक शामिल नहीं है।