आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने शुक्रवार को कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सही समय पर सही फैसले लेगी जो राष्ट्रीय हितों और कांग्रेस के साथ तालमेल बिठाकर लिए जाएंगे। उन्होंने तमिलनाडु में धर्मनिरपेक्ष गठबंधन की एकजुटता को फिर से पुष्ट किया।
थिरुमावलवन ने कहा, ‘‘द्रमुक एक ऐसी राजनीतिक पार्टी है जिसकी पुरानी और समृद्ध विरासत है। वे जानते हैं कि कब क्या फैसला करना है और किसके साथ खड़ा होना है। और यह निश्चित रूप से राष्ट्रीय हितों के अनुकूल होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक ऐसा नहीं लगता कि द्रमुक नेतृत्व ने कांग्रेस के खिलाफ कोई रुख अपनाया है। भले ही वे ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की बैठक में शामिल नहीं हुए हों, लेकिन उन्होंने अब तक ‘इंडिया’ गुट के खिलाफ किसी कदम का ऐलान नहीं किया है।’’
यह बयान तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के प्रमुख मणिकम टैगोर के साथ हुई बैठक के बाद आया है। टैगोर ने इस बातचीत को ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया, जिसका मकसद विपक्षी ‘इंडिया’ गुट को मजबूत करना था।
राज्य के सत्ताधारी गठबंधन में वैचारिक मतभेद से जुड़ी मीडिया की अटकलों को खारिज करते हुए थिरुमावलवन ने कहा, ‘‘हमारे गठबंधन दलों में या हमारे बीच कोई विरोधाभास नहीं है। कोई भ्रम नहीं है।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय आंदोलन ‘अपरिहार्य आवश्यकता’ है। उन्होंने भाजपा पर तमिलनाडु में ‘द्रमुक और अन्नाद्रमुक’ दोनों को मिटाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
वीसीके प्रमुख ने कहा, ‘‘सिर्फ कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाला गठबंधन ही राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का मुकाबला कर सकता है। इसलिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले इस गठबंधन को तमिलनाडु और दूसरे राज्यों में भी मजबूत होना चाहिए। इसी राष्ट्रीय नजरिए से हमने (वीसीके, आईयूएमएल और अन्य कम्युनिस्ट पार्टियां) टीवीके का समर्थन करने का फैसला किया। यह द्रमुक के खिलाफ उठाया गया कोई कदम नहीं है, और न ही यह द्रमुक गठबंधन को कमजोर करने के लिए लिया गया कोई फैसला है।’’
टैगोर ने बताया कि वीसीके के साथ एक घंटे की बातचीत में संसद के आगामी मॉनसून और शीतकालीन सत्रों के दौरान सदन में आपसी समन्वय पर चर्चा हुई।
टैगोर ने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले अहम बिलों पर विचार-विमर्श किया।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ‘लोकतंत्र को दफन करने’ की कोशिश कर रही है।
जब संवाददाताओं ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की कुछ राजनीतिक मुद्दों पर चुप्पी के बारे में सवाल किया तो थिरुमावलवन ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि गठबंधन के नेता ही मुख्यमंत्री की आवाज हैं।