Stalin termed the DVAC raid as a "politically motivated move".
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता ई वी वेलु से जुड़े कई ठिकानों पर बृहस्पतिवार को सतर्कता और भ्रष्टाचार-रोधी निदेशालय (डीवीएसी) की ओर से की गई छापेमारी पर पार्टी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
यह छापेमारी एक भ्रष्टाचार के मामले के सिलसिले में की गई।
स्टालिन की अगुवाई वाली द्रमुक सरकार में वेलु के पास लोक निर्माण, राजमार्ग और बंदरगाह का विभाग था।
इस कार्रवाई की निंदा करते हुए, स्टालिन ने एक सोशल मीडिया मंच पर कहा कि वेलु अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं और अदालत में कानूनी तरीके से अपनी बेगुनाही साबित करेंगे। उन्होंने इसे ‘‘राजनीति से प्रेरित कदम’’ करार दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया, ‘‘इतिहास गवाह है कि राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दर्ज किया गया एक भी भ्रष्टाचार का मामला हमारे खिलाफ कभी साबित नहीं हो सका है।’’
पार्टी की दृढ़ता पर बल देते उन्होंने कहा, ‘‘द्रमुक ऐसा संगठन नहीं है जो सत्तारूढ़ पार्टी की इस तरह की धमकी के आगे झुक जाएगा। हमने इससे कहीं बड़े दमन का सामना किया है। हम इसका भी सामना करेंगे और जीतकर निकलेंगे।’’