आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पिछले 19 दिन से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक का वजन बृहस्पतिवार को नौ किलोग्राम से अधिक कम हो गया है और उनके डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि लंबे समय से भूख हड़ताल करने के कारण वह गंभीर चरण में पहुंच गए हैं और इससे उनके अंगों पर असर पड़ना शुरू हो सकता है।
वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर यह अद्यतन जानकारी उनके उस वीडियो संदेश के कुछ घंटों बाद आयी जो उन्होंने बुधवार देर रात जारी किया था। इस वीडियो संदेश में उन्होंने राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों की अपील के बावजूद अपनी भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया और कहा कि सरकार की ओर से कोई जवाब मिले बिना इसे खत्म करने से गलत संदेश जाएगा। इसके बजाय, उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के प्रस्तावित संसद मार्च को मजबूत करने की अपील की।
आंदोलन को लगातार समर्थन मिल रहा है। किसान नेता राकेश टिकैत ने घोषणा की है कि वह बृहस्पतिवार शाम जंतर-मंतर पर वांगचुक से मिलने जाएंगे। संगीतकार विशाल ददलानी, अभिनेता सयाजी शिंदे, अभिनेता अतुल कुलकर्णी और लेखिका शोभा डे ने भी सरकार से कार्यकर्ता के साथ बातचीत करने की अपील की और उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई।
इस बीच, दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कार्यकर्ता वांगचुक के स्वास्थ्य पर हर दिन नजर रखें और जरूरत पड़ने पर उन्हें चिकित्सीय मदद दें।
अदालत ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि किसी भी नागरिक की जिंदगी कीमती है और सरकारी अधिकारियों को उसे बचाने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए।’’