मैक्रों की सीरिया यात्रा के दौरान हुए बम धमाकों के सिलसिले में कुछ संदिग्ध गिरफ्तार

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 10-07-2026
Some suspects arrested in connection with bombings during Macron's Syria visit
Some suspects arrested in connection with bombings during Macron's Syria visit

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 सीरिया के अधिकारियों ने कहा है कि राजधानी दमिश्क में हाल में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के संबंध में कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें इस सप्ताह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यात्रा के दौरान हुए विस्फोट भी शामिल हैं।
 
सीरिया के गृह मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा कि सुरक्षा बलों ने दमिश्क और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर विस्फोटों के लिए जिम्मेदार गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। हालांकि, मंत्रालय ने गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान या उनके किसी संगठन से संबंध के बारे में जानकारी नहीं दी।
 
मंगलवार को मैक्रों की ऐतिहासिक सीरिया यात्रा के दौरान एक कूड़ेदान और एक खड़ी कार में विस्फोटक लगाए गए थे। उस समय मैक्रों राष्ट्रपति भवन में सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के साथ बैठक कर रहे थे। वह सुरक्षित रहे और उनकी बैठक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रही।
 
सीरिया के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन विस्फोटों में एक व्यक्ति की मौत हुई और 36 अन्य घायल हुए।
 
पिछले सप्ताह दमिश्क के मुख्य न्यायिक परिसर के निकट एक कैफे में हुए विस्फोट में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। इन दोनों हमलों की जिम्मेदारी अब तक किसी संगठन ने नहीं ली है।
 
विश्लेषकों के अनुसार, ये विस्फोट राष्ट्रपति अल-शरा के लिए चुनौती माने जा रहे हैं, जो पूरे सीरिया पर सरकार का नियंत्रण मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। अल-शरा ने उनकी इस्लामवादी नेतृत्व वाली सरकार को लेकर सशंकित अल्पसंख्यक समुदायों का भरोसा जीतने की अपील की है। साथ ही, वह पश्चिमी देशों का समर्थन भी हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जिनकी चिंता उनके उस अतीत को लेकर रही है जब वह पहले अल-कायदा से जुड़े रहे संगठन 'हयात तहरीर अल-शाम' का नेतृत्व कर चुके थे।
 
अल-शरा के नेतृत्व वाली सरकार ने असद परिवार के दशकों लंबे सत्तावादी शासन के अंत के बाद राजनीतिक और आर्थिक सुधारों का वादा किया है। दिसंबर 2024 में अल-शरा के नेतृत्व में विद्रोही अभियान के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था।
 
करीब 14 वर्ष तक चले सीरियाई गृहयुद्ध में लगभग पांच लाख लोगों की मौत हुई और लाखों लोग विस्थापित हुए। युद्ध के कारण देश का बुनियादी ढांचा व्यापक रूप से नष्ट हो गया। हालांकि कई देशों और कंपनियों ने निवेश की घोषणाएं की हैं, लेकिन सीरिया के पुनर्निर्माण और लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए अब भी सैकड़ों अरब डॉलर की आवश्यकता है।