स्लोवाकिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 16-06-2026
Slovakia supports India's permanent membership in the UN Security Council
Slovakia supports India's permanent membership in the UN Security Council

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
स्लोवाकिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार किए जाने और इसमें भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के बीच सोमवार को हुई बातचीत के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में दोनों देशों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए ताकि वे अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण, समावेशी और मौजूदा भूराजनीतिक परिस्थितियों के अनुरूप बन सकें।
 
दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का विस्तार स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
 
संयुक्त वक्तव्य के मुताबिक, ‘‘इस संदर्भ में भारत ने सुरक्षा परिषद में सुधार व विस्तार और उसमें भारत को स्थायी सदस्य बनाने संबंधी स्लोवाकिया के लगातार समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।’’
 
प्रधानमंत्री मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री फिको ने संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखते हुए बहुपक्षवाद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न वैश्विक मंचों पर आपसी समन्वय के साथ काम करने पर सहमति व्यक्त की।
 
भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है।
 
भारत का तर्क है कि वर्तमान में 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद की संरचना पुरानी हो चुकी है और यह मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों तथा बदलती अंतरराष्ट्रीय वास्तविकताओं का पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व नहीं करती।
 
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य बनने की भारत की मांग को दुनिया के अनेक देशों का समर्थन मिल रहा है।
 
यूरोप के कई देशों ने भी भारत का समर्थन किया है।
 
इसके अलावा जी4 समूह के अन्य तीन देश-ब्राजील, जर्मनी और जापान भी भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करते हैं।
 
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पांच स्थायी सदस्य हैं, जिनमें चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं।
 
इनके अलावा परिषद में 10 अस्थायी सदस्य भी होते हैं, जिन्हें दो वर्ष के कार्यकाल के लिए चुना जाता है।
 
स्लोवाकिया ने भारत की परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के प्रति भी अपने समर्थन को दोहराया।