सेंट्रल दिल्ली में सफाई अभियान के दौरान कंकाल जैसी चीज़ मिली, पुलिस तथ्यों की पुष्टि कर रही है

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 26-09-2026
Skeleton-like object found during cleanliness drive in Central Delhi, police verify facts
Skeleton-like object found during cleanliness drive in Central Delhi, police verify facts

 

नई दिल्ली 
 
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सेंट्रल दिल्ली में सफाई अभियान के दौरान कबाड़ के बीच कंकाल जैसी चीज़ मिली, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, कबाड़ के सामान में इंसानी अवशेष जैसी चीज़ मिलने पर एक कबाड़ व्यापारी ने उन्हें सूचना दी। व्यापारी का दावा है कि उसने लगभग एक महीने पहले एक स्कूल से कबाड़ खरीदा था और उसी के साथ अवशेषों वाला एक बक्सा भी आया था। पुलिस का कहना है कि शक है कि यह चीज़ स्कूल के बायोलॉजिकल वेस्ट (जैविक कचरे) का हिस्सा है, जिसका इस्तेमाल पढ़ाई-लिखाई में सैंपल के तौर पर किया जाता था। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि अभी यह पता लगाना बाकी है कि यह चीज़ असली कंकाल है या पढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाला डमी (नकली मॉडल)।
 
पुलिस अभी तथ्यों की पुष्टि कर रही है और इस मामले में कबाड़ व्यापारी और स्कूल प्रशासन से पूछताछ कर रही है। आगे की जांच जारी है। इस बीच, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (ARSC) ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहे एक कैदी को पकड़ा है। उस पर आरोप है कि वह 2015 में दिल्ली हाई कोर्ट से मिली फरलो (छुट्टी) का उल्लंघन करके भाग गया था और हिमाचल प्रदेश के एक गांव में अपनी असली पहचान छिपाकर 11 साल तक फरार रहा। दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान अमित उर्फ ​​संजय उर्फ ​​जयपाल के तौर पर हुई है। उसे 2010 में मयूर विहार पुलिस स्टेशन में दर्ज एक बेरहम हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी।
 
आरोपी को ARSC क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर दीपक दहिया ने किया, जबकि यह कार्रवाई ACP/ARSC क्राइम ब्रांच संजय नागपाल और विवेकानंद पाठक की देखरेख में और DCP क्राइम संजीव कुमार यादव की समग्र निगरानी में हुई। पुलिस ने बताया कि अमित उर्फ ​​संजय को कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज संजय गर्ग की अदालत ने 25 मई 2011 के आदेश के ज़रिए उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। यह सज़ा मयूर विहार पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 302/34 के तहत दर्ज मामले में सुनाई गई थी।