शशि थरूर ने डीपफेक वीडियो के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-05-2026
Shashi Tharoor moves Delhi High Court against deepfake videos
Shashi Tharoor moves Delhi High Court against deepfake videos

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करते हुए उन एआई-जनित डीपफेक वीडियो पर रोक लगाने की मांग की, जिनमें कथित तौर पर उन्हें ‘‘पाकिस्तान की प्रशंसा’’ करते और ‘‘राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दों’’ पर बयान देते हुए दिखाया गया है।

न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्ना ने तिरुवनंतपुरम से सांसद और विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष थरूर द्वारा दायर मुकदमे पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ और मेटा प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ केंद्र सरकार को समन जारी किया। उन्होंने संकेत दिया कि वह थरूर के पक्ष में अंतरिम आदेश पारित कर सकती हैं।
 
थरूर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सिब्बल ने दलील दी कि अज्ञात लोग बार-बार उनके चेहरे, आवाज और व्यक्तित्व से जुड़ी अन्य विशेषताओं का दुरुपयोग कर फर्जी वीडियो प्रकाशित कर रहे हैं, जिन्हें हटाया जाना चाहिए।
 
वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि ये वीडियो एक देशभक्त और विदेश मामलों पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में थरूर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
 
उन्होंने कहा, ‘‘इंडिया टुडे और प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि ये फर्जी वीडियो हैं, फिर भी लोगों के बीच यह धारणा बनी हुई है कि वीडियो असली और प्रामाणिक हैं।’’
 
सिब्बल ने थरूर की ओर से कहा, ‘‘मैं पूर्व विदेश राज्य मंत्री रह चुका हूं। इसका असर भारत की प्रतिष्ठा पर भी पड़ता है... इसका दुरुपयोग अन्य देशों द्वारा किया जा सकता है।’’
 
उन्होंने यह भी कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी नियमों और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद कई आपत्तिजनक यूआरएल हटाए गए, लेकिन यह सामग्री बार-बार फिर सामने आ रही है।
 
सिब्बल ने जोर देकर कहा कि थरूर जाने-माने व्यक्ति हैं और ऐसे डीपफेक वीडियो के जरिए उनकी छवि खराब की जा रही है।
 
मेटा की ओर से पेश वकील ने कहा कि इंस्टाग्राम पर मौजूद आपत्तिजनक सामग्री को शुक्रवार सुबह ही अनुपलब्ध कर दिया गया है।
 
मुकदमे में थरूर ने कहा कि मार्च 2026 के आसपास उन्हें सोशल मीडिया मंचों पर ‘‘अज्ञात उल्लंघनकर्ताओं द्वारा चलाए जा रहे एक सुनियोजित और दुर्भावनापूर्ण अभियान’’ का पता चला, जिसमें उन्हें राजनीतिक रूप से संवेदनशील बयान देते और पाकिस्तान की प्रशंसा करते हुए दिखाया गया।