आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नासिक पुलिस ने शुक्रवार को दावा किया कि एआईएमआईएम के एक पार्षद ने टीसीएस में कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के लिए दबाव डालने के मामले में आरोपी निदा खान और उसके परिवार को छत्रपति संभाजीनगर में शरण दी थी।
नासिक पुलिस ने बताया कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पार्षद मतीन पटेल से लगातार पूछताछ के बाद बृहस्पतिवार को एक उच्च स्तरीय संयुक्त पुलिस अभियान में खान को गिरफ्तार किया गया।
एक अधिकारी ने बताया कि पटेल को इस मामले में आरोपी बनाया गया है क्योंकि उन्होंने खान (27) को शरण दी थी, जो आईटी कंपनी की इकाई में नौ महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न और उन पर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने वाले गिरोह की एक प्रमुख संदिग्ध है।
नासिक के पुलिस आयुक्त संदीप कार्णिक ने बताया कि खान को बृहस्पतिवार को छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके से पकड़ा गया।
उन्होंने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर के पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार और उनकी टीम ने खान की तलाश में नासिक पुलिस की मदद की।
संयुक्त अभियान के बारे में कार्णिक ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने वहां खान के ठिकाने का पता लगाया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर, शहर के पुलिस प्रमुख पवार ने पटेल और कुछ अन्य लोगों को नगर निकाय चुनावों के दौरान उन्हें प्रदान की गई सुरक्षा के शुल्कों की समीक्षा करने के बहाने बुलाया।
अधिकारी ने बताया कि जब पटेल पुलिस की सुरक्षा शाखा में पहुंचे, तो पवार ने उनसे पूछताछ की, और लगातार पूछताछ के बाद एआईएमआईएम नेता ने खान और उसके परिवार के ठिकाने का खुलासा किया।
दोनों शहरों की पुलिस ने नारेगांव इलाके में एक घर की तलाशी ली और खान को गिरफ्तार किया।
अधिकारी ने बताया कि खान के पिता एजाज बशीर (52), मां नीलोफर एजाज (44), भाई मोहम्मद एजाज (20) और उनकी रिश्तेदार नूरजहां शेख अली (44) भी घर में उसके साथ मौजूद थे।
टीसीएस इकाई में महिला कर्मचारियों के शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के सामने आने के बाद नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने नौ प्राथमिकी दर्ज कर एक महिला ‘ऑपरेशन मैनेजर’ सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।