Self-proclaimed Vishwaguru responsible for Pakistan's 'meddling' in West Asia: Congress
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच मध्यस्थता की पहल से जुड़े देशों में पाकिस्तान के भी शामिल होने संबंधी खबरों को लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस स्थिति के लिए ‘‘स्वयंभू विश्वगुरु’’ जिम्मेदार हैं।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि युद्ध से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल की यात्रा की, जिसके कारण भारत मध्यस्थता की स्थिति से उपेक्षित हो गया, जबकि भारत को यह भूमिका निभानी चाहिए थी।
रमेश ने कुछ खबरों का हवाला देते हुए 'एक्स' पर पोस्ट किया, "प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की खबरों में कहा गया है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बातचीत से जुड़े मध्यस्थों में पाकिस्तान शामिल है। यदि ये खबरें सच हैं, तो ये भारत के लिए एक बड़ा आघात है और इसके लिए स्वयंभू विश्वगुरु जिम्मेदार हैं।"
उन्होंने कहा, ‘‘ एक वर्ष से अधिक समय में यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि ऑपरेशन सिन्दूर में हमारी निस्संदेह सैन्य सफलताओं के बावजूद, दुखद वास्तविकता यह है कि उसके बाद पाकिस्तान की कूटनीतिक भागीदारी और विमर्श प्रबंधन मोदी सरकार की तुलना में काफी बेहतर रहा है। उस पाकिस्तान को नया जीवनदान मिल गया जो राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और विश्व स्तर पर बेहद ख़तरनाक स्थिति में था।"
रमेश ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उस व्यक्ति (आसिम मुनीर) को गर्मजोशी से और बार-बार गले लगाया, जिसकी भड़काऊ बयानबाजी ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकवादी हमलों की पृष्ठभूमि बनाई तथा व्हाइट हाउस में उसकी दो बार मेजबानी की।
उन्होंने दावा किया, "प्रधानमंत्री मोदी की बिना सोची समझी इज़राइल यात्रा हमारे राजनीतिक इतिहास में एक विनाशकारी घटनाक्रम के रूप में दर्ज की जाएगी, जिसने हमें उस स्थिति से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है जहां हम मध्यस्थता कर सकते थे और करना चाहिए था। "