पढ़ाई के मौसम में डीजे से होने वाले व्यवधान को लेकर रास में जताई गई चिंता

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 24-03-2026
Concerns expressed at the Raas over the disruption caused by DJs during the academic season
Concerns expressed at the Raas over the disruption caused by DJs during the academic season

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 


 
परीक्षाओं के दौरान विवाह और अन्य समारोहों में डीजे के लाउड स्पीकर से होने वाले शोर से विद्यार्थियों की पढ़ाई में व्यवधान पर चिंता जताते हुए मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की सुमित्रा बाल्मीक ने राज्यसभा में सरकार से इस संबंध में कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए सुमित्रा ने कहा कि फरवरी से अप्रैल के बीच विद्यार्थी दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा, नीट परीक्षा, जेईई आदि की परीक्षा देते हैं और यहां से ही उनका भविष्य तय होता है।
 
उन्होंने कहा कि इस दौरान विवाह या अन्य कार्यक्रम में डीजे का लाउड स्पीकर बजता है जिससे बहुत शोर होता है।
 
सुमित्रा ने कहा ‘‘कई घरों में बुजुर्ग होते हैं, मरीज होते हैं, नवजात से लेकर तीन साल की उम्र के बच्चे होते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि 60 डेसीमल से अधिक शोर तनाव बढ़ाता है और हमारी श्रवण क्षमता को नुकसान पहुंचाता है। डीजे में तो शोर 90 डेसीमल से अधिक होता है। इससे विद्यार्थी, बच्चे, बुजुर्ग, बीमार सभी प्रभावित होते हैं।’’
 
उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण कानून 2000 का सही ढंग से पालन नहीं होना समस्या का मूल कारण है।
 
सुमित्रा ने सरकार से इस संबंध में कठोर कदम उठाने की मांग की।