आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 3,911 करोड़ रुपये के कथित शेयरधारक नुकसान से जुड़े मामले में मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज, मैक्स लाइफ और एक्सिस समूह की कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी है। बाजार नियामक ने कहा कि खुलासा संबंधी चूक और धोखाधड़ी की योजना के आरोप साबित नहीं हुए।
मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का अब नाम एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस है।
सेबी ने सोमवार को पारित अंतिम आदेश में मैक्स समूह के संस्थापक एवं चेयरमैन अनलजीत सिंह समेत सात व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी।
यह कार्यवाही 24 अक्टूबर, 2024 को जारी कारण बताओ नोटिस (एससीएन) के बाद शुरू हुई थी। यह नोटिस 2009-10 से 2021-22 के दौरान मैक्स और एक्सिस समूह की कंपनियों के बीच हुए लेनदेन की जांच के बाद जारी किया गया था।
सेबी ने 2010, 2015 और 2020 में किए गए तीन समझौतों की जांच की थी। मामले में आरोप था कि मैक्स फाइनेंशियल ने इन लेनदेन के बारे में पर्याप्त और समय पर खुलासा नहीं किया। साथ ही, मैक्स फाइनेंशियल, मैक्स लाइफ और एक्सिस समूह की कंपनियों ने ऐसी योजना बनाई जिससे मैक्स समूह की कंपनियों तथा उनके शेयरधारकों के नुकसान पर एक्सिस बैंक को अनुचित लाभ मिला।
वर्ष 2010 के समझौते के तहत मैक्स लाइफ के शेयर एक्सिस बैंक को अंकित मूल्य पर जारी किए गए और बाद में उन्हें कई चरणों में लगातार ऊंची कीमतों पर खरीदा गया।