SEBI releases uniform compliance reporting format for Specialised Investment Funds
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड और परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) द्वारा विशेषीकृत निवेश फंडों (एसआईएफ) की रिपोर्टिंग के तरीके में एकरूपता लाने के मकसद से बृहस्पतिवार को एक अनुपालन रिपोर्टिंग का प्रारूप जारी किया है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने अपने परिपत्र में कहा कि अनुपालन परीक्षण रिपोर्ट (सीटीआर) के प्रारूप को संशोधित किया गया है और इसमें विशेष रूप से एसआईएफ के लिए एक नया भाग शामिल किया गया है।
नए प्रारूप के तहत एसआईएफ का प्रबंधन करने वाली एएमसी को अब अतिरिक्त अनुपालन विवरण देने होंगे। इसमें न्यूनतम निवेश सीमा का पालन, एसआईएफ फंड प्रबंधकों के लिए प्रमाणन आवश्यकताएं (अधिसूचित होने पर), नियामक विशेषताओं के साथ निवेश रणनीतियों का अनुपालन, शुल्क और व्यय पर सीमाएं और निवेश प्रतिबंध शामिल हैं।
इस नए नियम के तहत कंपनियों को अब डेरिवेटिव्स, रीट (रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट)/इनविट (बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट), ब्रांड और विज्ञापन के नियम, प्रस्ताव दस्तावेजों में जानकारी, पोर्टफोलियो की जानकारी, निवेश और निकासी के नियम (जैसे नोटिस अवधि), इकाइयों की सूचीकरण, बेंचमार्किंग, जोखिम स्तर और परिदृश्य विश्लेषण जैसी चीजों पर भी रिपोर्ट देनी होगी।
इसके अलावा, अर्धवार्षिक ट्रस्टी रिपोर्ट (एचवाईटीआर) के प्रारूप में भी एक नया प्रावधान जोड़ा गया है।
सेबी ने कहा कि ट्रस्टी को यह पुष्टि करनी होगी कि क्या एएमसी के पास एसआईएफ का प्रबंधन करने के लिए पर्याप्त विशेषज्ञता और प्रणाली है, न्यूनतम निवेश सीमा, शुल्क और व्यय के नियम, निवेश रणनीतियों की विशेषताएं, निवेश प्रतिबंध, उत्पाद में भिन्नता, खुलासे और ब्रांडिंग के नियमों का पालन किया जा रहा है। साथ ही क्या अन्य सभी जोखिम प्रबंधन, निवेशक सुरक्षा, खुलासे और रिपोर्टिंग की जिम्मेदारियों का पालन किया गया है।