आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने पंचायत चुनावों को लेकर उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए शुक्रवार को कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार हार के डर से यह चुनाव टालने की कोशिश कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ठाकुर ने यहां एक बयान में आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस संविधान की किताब को पूरे देश में लेकर घूम रही है और ‘‘संविधान को बचाने’’ का दिखावा कर रही है, लेकिन जब भी कांग्रेस को मौका मिलता है, पार्टी इसका उल्लंघन करने से नहीं हिचकिचाती।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार को 30 अप्रैल से पहले पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) और नगर निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिए जाने के बाद विपक्ष के नेता का यह बयान आया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सवाल उठाया कि जब राज्य में आपदा अधिनियम लागू है तो किस कानून के तहत ये आदेश जारी किए गए हैं।
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि भारत के संविधान के अनुसार पंचायत चुनाव पांच साल में होने चाहिए, लेकिन कांग्रेस सरकार ने आपदा अधिनियम को ढाल बनाकर चुनाव टाल दिए।
भाजपा नेता ने कहा कि पिछले साल मानसून की आपदा के सात महीने बीत जाने के बाद भी सड़कें नहीं खोली गई हैं और जल आपूर्ति योजनाएं बहाल नहीं की गई हैं। दिलचस्प बात यह है कि नए नगर निगम, परिषदें और समितियां बनाई गईं, लेकिन कोई चुनाव नहीं हुए।