आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत अब जलपोतों के विनिर्माण में तेजी से आगे बढ़ने के लिए दृढ़ संकल्पित है और देश की सबसे बड़ी वाणिज्यिक पोत परिवहन कंपनी भारतीय नौवहन निगम (एससीआई) देश को शीर्ष नौवहन राष्ट्र बनाने में मदद करेगी।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री ने आगे कहा कि कंपनी को चालू वित्त वर्ष में अपने कर-पश्चात लाभ (पीएटी) के 2,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच जाने की उम्मीद है, जो मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में 1,352.92 करोड़ रुपये था।
सोनोवाल ने शुक्रवार शाम मुंबई पोर्ट के क्रूज टर्मिनल पर भारतीय नौवहन निगम के 65वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए इस नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी जहाज निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का भी आह्वान किया।
वर्ष 1961 में 19 जहाजों के साथ स्थापित एससीआई आज एक बहुआयामी समुद्री उद्यम के रूप में विकसित हो चुकी है, जो 58 जहाजों का संचालन कर रही है।
कंपनी का परिचालन अब कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पाद टैंकरों, थोक तथा कंटेनर पोत परिवहन, एलपीजी तथा एलएनजी वाहकों, अपतटीय सेवाओं, यात्री और तटीय परिवहन, जहाज प्रबंधन तथा जहाज निर्माण परामर्श तक विस्तृत है।
इस मौके पर एससीआई के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) बी के त्यागी ने भारत की नौवहन क्षमता और टन भार विस्तार के राष्ट्रीय अभियान के समर्थन में एक बड़ा, आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बेड़ा तैयार करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया।