आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में स्वीकार किया कि मुंबई में बार-बार बिजली कटौती की समस्या बढ़ती मांग और ‘अतिभारित विद्युत वितरण नेटवर्क’ की वजह से है। सरकार ने बताया कि इस स्थिति को सुधारने के लिए नए सब-स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है।
विधानसभा में चर्चा के दौरान, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने इस समस्या को लेकर ‘बीईएसटी’ (बेस्ट) के कामकाज पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने घोषणा की कि एक कार्ययोजना बनाने के लिए बीईएसटी और नगर निगम के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी।
एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसल ने कहा कि मई और जून के दौरान मुंबई में पिछले 57 सालों में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया, जिससे बिजली की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘बिजली की सबसे अधिक मांग वर्ष 2025 के स्तर 907 मेगावाट से बढ़कर करीब 1010 मेगावाट तक पहुंच गई, जिससे मौजूदा वितरण अवसंरचना पर भारी दबाव पड़ा और बार-बार बिजली आपूर्ति में रुकावटें आईं।’’
अमीन पटेल (कांग्रेस नेता) ने सवाल किया कि क्या मुंबई में बिजली की स्थिति वैसी ही हो गई है जैसी गांवों में होती है। उन्होंने पूछा, ‘‘क्या हम किसी गांव में रह रहे हैं या मुंबई शहर में?’’
उन्होंने बताया कि अचानक बिजली कटौती की वजह से विधायक रईस शेख दो घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे।
चर्चा के दौरान, शिवसेना (उबाठा) के विधायक अजय चौधरी ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में बिजली कटौती आम बात हो गई है।ना नियुक्तियां की हैं।