Regulation of Educational Institutions: Court issues notice to School Education Secretary
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शिक्षा या धार्मिक शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों को विनियमित करने की मांग वाली याचिका पर अपने आदेश का कथित रूप से पालन नहीं किए जाने के संबंध में मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव से जवाब मांगा।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने शिक्षा मंत्रालय में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव टी. के. अनिल कुमार को नोटिस जारी किया और चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा।
शीर्ष अदालत अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
उपाध्याय ने आरोप लगाया कि सचिव ने उनके प्रतिवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की।
शीर्ष अदालत ने 11 मई को उपाध्याय को निर्देश दिया था कि वह अपनी मांग को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष प्रतिवेदन दें।
अधिवक्ता अश्विनी दुबे के माध्यम से दायर याचिका में यह मांग की गई थी कि "अनुच्छेद 21ए के साथ अनुच्छेद 39(एफ), 45 और 51-ए(के) के अनुरूप, 14 साल तक की उम्र के बच्चों को धर्मनिरपेक्ष शिक्षा या धार्मिक शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों के पंजीकरण, मान्यता, निगरानी और निरीक्षण के लिए उचित कदम उठाए जाएं।"