आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुए विभिन्न भर्ती घोटालों के कारण राज्य की बदनामी हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विधानसभा के अगले बजट सत्र में नयी भर्ती नीति लाएगी।
अधिकारी ने कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान हुई इन अनियमितताओं के कारण कलकत्ता उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा था जिसके परिणामस्वरूप 26,000 स्कूली नौकरियां रद्द हुईं।
उन्होंने कहा इससे पश्चिम बंगाल की साख को गहरा नुकसान पहुंचा और राज्य को इस स्थिति से बाहर निकालने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल विधानसभा के अगले बजट सत्र में नयी भर्ती नीति बनाने के लिए एक विधेयक पेश किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि सरकार की इच्छा है कि भर्ती परीक्षाओं में उपयोग की गई ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन (ओएमआर) उत्तर पुस्तिका की प्रति (कार्बन कॉपी) परीक्षा के तुरंत बाद परीक्षार्थियों को दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें ज्ञात हुआ है कि अब तक राज्य की भर्ती परीक्षाओं में ओएमआर शीट की प्रति परीक्षार्थियों को नहीं दी जाती थी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘यह बेहद खराब और दुर्भावनापूर्ण है। भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया जाता था।’’
केंद्र सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेले में नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए अधिकारी ने कहा कि शिक्षा और बौद्धिकता के उच्च मानकों के लिए पहचाने जाने वाले पश्चिम बंगाल की स्कूल भर्ती और नगर निकाय भर्ती घोटालों के कारण ‘‘बदनामी’’ हुई है।