उम्मीद पोर्टल पर 8 लाख वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड शुरू

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 23-07-2026
Recording of 8 lakh Waqf properties begins on the 'Umeed' portal.
Recording of 8 lakh Waqf properties begins on the 'Umeed' portal.

 

नई दिल्ली।

 देशभर में वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण प्रगति का दावा किया है। सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी कि 17 जुलाई 2026 तक देश की 7,99,978 वक्फ संपत्तियों को ‘उम्मीद’ (UMMEED) सेंट्रल पोर्टल-2025 पर अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इस पहल का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का पारदर्शी, डिजिटल और व्यवस्थित डेटाबेस तैयार करना है, जिससे उनके प्रबंधन और निगरानी को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर दर्ज की जा रही वक्फ संपत्तियों में से 6,17,102 संपत्तियों को सत्यापन के बाद मान्यता प्रदान की जा चुकी है। यह संख्या कुल अपलोड की गई संपत्तियों का बड़ा हिस्सा है और सरकार के अनुसार डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

मंत्री ने बताया कि अभी भी 91,623 वक्फ संपत्तियां विभिन्न चरणों में लंबित हैं। इनमें दस्तावेजों की जांच, रिकॉर्ड का मिलान, तकनीकी परीक्षण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं शामिल हैं। संबंधित राज्य वक्फ बोर्ड और अन्य एजेंसियां इन मामलों का सत्यापन कर रही हैं, जिसके बाद उन्हें अंतिम रूप से पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।

सरकार के अनुसार, सत्यापन के दौरान 91,253 वक्फ संपत्तियों के दावों को खारिज भी किया गया है। इन मामलों में दस्तावेजों की कमी, रिकॉर्ड में विसंगतियां या अन्य आवश्यक शर्तें पूरी न होने के कारण संपत्तियों को स्वीकृति नहीं मिल सकी। ऐसे मामलों की आगे भी समीक्षा की जा सकती है, यदि संबंधित पक्ष आवश्यक प्रमाण उपलब्ध कराते हैं।

किरण रिजिजू ने कहा कि ‘उम्मीद’ सेंट्रल पोर्टल-2025 का उद्देश्य देशभर की वक्फ संपत्तियों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। इसके माध्यम से संपत्तियों की पहचान, रिकॉर्ड का संरक्षण, प्रबंधन और निगरानी अधिक पारदर्शी ढंग से की जा सकेगी। साथ ही, वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों को कम करने और उनके उपयोग पर बेहतर निगरानी रखने में भी यह पोर्टल मददगार साबित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में जवाबदेही बढ़ेगी और अनधिकृत कब्जों या रिकॉर्ड में गड़बड़ियों की पहचान करना आसान होगा। इससे राज्य वक्फ बोर्डों को भी संपत्तियों के रखरखाव और उनके बेहतर उपयोग की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है। ‘उम्मीद’ पोर्टल इसी पहल का अहम हिस्सा है, जिसके जरिए देशभर की लाखों वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि आने वाले समय में सभी लंबित संपत्तियों का सत्यापन पूरा कर उन्हें भी पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इससे वक्फ संपत्तियों का राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापक और विश्वसनीय डिजिटल डेटाबेस उपलब्ध होगा, जो प्रशासनिक पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।