NEET Controversy: Uproar in Rajya Sabha for the fourth consecutive day; proceedings adjourned.
नई दिल्ली।
संसद के मानसून सत्र में NEET प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर जारी राजनीतिक गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी राज्यसभा की कार्यवाही लगातार चौथे दिन बाधित रही। कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया। इसके चलते प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके और तीन बार स्थगन के बाद राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने NEET पेपर लीक मामले पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष को बहस से पहले किसी प्रकार की शर्त नहीं रखनी चाहिए। इसके जवाब में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पष्ट कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक चर्चा शुरू नहीं होगी।
दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और लगातार नारेबाजी के कारण सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। दोबारा बैठक शुरू होने पर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा। इसके बाद सदन को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
दोपहर बाद भी गतिरोध जारी रहा। विपक्षी सांसद अपनी सीटों पर खड़े होकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते रहे। इस दौरान खरगे ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने कथित रूप से लाठीचार्ज किया, जिससे कई छात्र घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों में भारी चिंता का माहौल है और सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए।
वहीं, सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार पहले ही NEET और उससे जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन की कार्यवाही चलने नहीं देना चाहता। उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में मुद्दों का समाधान चर्चा से निकलता है, न कि लगातार हंगामे से।
अपराह्न तीन बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने का अवसर दिया, ताकि गतिरोध समाप्त हो सके। हालांकि खरगे ने लिखित भाषण की शुरुआत काव्यात्मक पंक्तियों से की, जिस पर उपसभापति ने उन्हें रोकते हुए कहा कि उन्हें केवल गतिरोध समाप्त करने और NEET मुद्दे पर चर्चा शुरू कराने के उद्देश्य से बोलने की अनुमति दी गई थी।
इसके बाद किरण रिजिजू ने एक बार फिर दोहराया कि सरकार इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल विरोध प्रदर्शन करना चाहता है। सदन में हंगामा जारी रहने पर उपसभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ है और तब से दोनों सदनों की कार्यवाही NEET पेपर लीक विवाद, विपक्ष के विरोध और सरकार-विपक्ष के टकराव के कारण लगातार प्रभावित हो रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच कोई सहमति बनती है या संसद का गतिरोध इसी तरह जारी रहता है।