नई दिल्ली।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 से पहले भारतीय खेल जगत को बड़ा झटका लगा है। भारतीय जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया है। वे प्रतियोगिता के बाहर (Out-of-Competition) किए गए डोप परीक्षण में विफल पाए गए हैं। इसके बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है, जिसके चलते उन्हें ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की भारतीय टीम से हटा दिया गया।
अरुण कुमार 73 किलोग्राम भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और उन्हें इस वर्ग में देश की मजबूत उम्मीदों में शामिल माना जा रहा था। हाल ही में उन्होंने चीन के किंगदाओ ग्रां प्री में भी हिस्सा लिया था। लेकिन डोप परीक्षण में उनके नमूने में एनाबोलिक स्टेरॉयड पाए जाने के बाद उनका राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेना संभव नहीं रह गया।
भारतीय जूडो महासंघ से जुड़े एक वरिष्ठ सूत्र ने पुष्टि करते हुए बताया कि नाडा की ओर से निलंबन की आधिकारिक अधिसूचना मिलने के बाद अरुण कुमार को टीम से हटाने का निर्णय लिया गया। नियमों के तहत डोपिंग के आरोपों की जांच पूरी होने तक खिलाड़ी किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकता।
गौरतलब है कि भारतीय जूडो टीम अभी ग्लास्गो के लिए रवाना नहीं हुई है। जूडो प्रतियोगिताओं की शुरुआत 31 जुलाई से होनी है, जबकि भारतीय दल 27 जुलाई को स्कॉटलैंड के लिए रवाना होने वाला है। ऐसे में टीम प्रबंधन के पास समय रहते बदलाव करने का अवसर मिल गया।
भारतीय ओलंपिक संघ ने शुरुआत में राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 126 खिलाड़ियों का चयन किया था। हालांकि, अरुण कुमार के बाहर होने और इससे पहले पैरा तैराक तेजस नंदकुमार के वर्गीकरण पात्रता पूरी नहीं कर पाने के कारण टीम से हटाए जाने के बाद अब भारतीय दल में 124 खिलाड़ी ही रह गए हैं।
महज 21 वर्ष के अरुण कुमार भारतीय जूडो के उभरते सितारों में गिने जाते हैं। उन्होंने पिछले वर्ष ताइपे एशियाई ओपन में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उनसे राष्ट्रमंडल खेलों में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। ऐसे में डोपिंग के कारण उनका बाहर होना भारतीय जूडो के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
भारतीय जूडो दल में इस बार कुल 14 खिलाड़ी चुने गए थे, जिनमें सात पुरुष और सात महिला खिलाड़ी शामिल हैं। टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों के लिए जापान के साकुबा विश्वविद्यालय में 17 जुलाई तक विशेष प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया था। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह तैयार करना था।
भारत का जूडो में राष्ट्रमंडल खेलों का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता रहा है। बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय जूडो खिलाड़ियों ने दो रजत और एक कांस्य पदक सहित कुल तीन पदक जीते थे। इस बार भी टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
भारतीय टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल तुलिका मान, जिन्होंने पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था, इस बार 78 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेंगी। उनके अलावा कई युवा खिलाड़ी भी पदक की दौड़ में भारत की उम्मीदें बढ़ा रहे हैं।
डोपिंग का यह मामला एक बार फिर खेलों में निष्पक्षता और स्वच्छ प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता को रेखांकित करता है। अब सभी की नजर नाडा की आगे की जांच और अरुण कुमार के मामले में अंतिम फैसले पर रहेगी, जबकि भारतीय जूडो टीम ग्लास्गो में बेहतर प्रदर्शन कर इस झटके से उबरने की कोशिश करेगी।