एशियन गेम्स 2026 में भारतीय कबड्डी टीमों के अभियान का रास्ता साफ हो गया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित बहु-खेल आयोजन के लिए पुरुष और महिला कबड्डी प्रतियोगिताओं के ग्रुप चरण का ड्रॉ गुरुवार को घोषित कर दिया गया। ड्रॉ के अनुसार, भारत की पुरुष और महिला दोनों कबड्डी टीमें ग्रुप ए में शामिल की गई हैं।
एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची प्रांत में होगा। वहीं कबड्डी मुकाबले 21 से 26 सितंबर के बीच टोकाई सिटिजंस जिम्नेजियम में खेले जाएंगे। भारत एक बार फिर पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
पुरुष टीम को मिली चुनौतीपूर्ण ग्रुप
पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें दो समूहों में बांटा गया है। ग्रुप ए में भारत के साथ बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, चीनी ताइपे और मेजबान जापान को जगह मिली है। भारतीय टीम को लीग चरण में इन चारों टीमों के खिलाफ मुकाबले खेलने होंगे।
वहीं ग्रुप बी में नेपाल, थाईलैंड, पाकिस्तान, मलेशिया और ईरान शामिल हैं। ड्रॉ की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि कबड्डी की दो सबसे मजबूत टीमें भारत और ईरान अलग-अलग ग्रुप में रखी गई हैं। इससे दोनों टीमों की भिड़ंत लीग चरण में नहीं होगी और यदि दोनों अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष दो स्थान हासिल करती हैं, तो उनका मुकाबला फाइनल में देखने को मिल सकता है।
महिला टीम के सामने ईरान की चुनौती
महिला कबड्डी प्रतियोगिता में कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें दो समूहों में विभाजित किया गया है। भारतीय महिला टीम को ग्रुप ए में ईरान, जापान और बांग्लादेश के साथ रखा गया है। इस ग्रुप में भारत और ईरान के बीच मुकाबला सबसे रोमांचक माना जा रहा है, क्योंकि दोनों टीमें हाल के वर्षों में एशियाई स्तर पर शानदार प्रदर्शन करती रही हैं।
दूसरी ओर ग्रुप बी में श्रीलंका, थाईलैंड, चीनी ताइपे और नेपाल की टीमें शामिल हैं।
सेमीफाइनल में पहुंचेगी शीर्ष दो टीमें
प्रतियोगिता का प्रारूप 2006 एशियन गेम्स से लागू प्रणाली के अनुसार ही रहेगा। प्रत्येक ग्रुप की सभी टीमें राउंड-रॉबिन प्रारूप में एक-दूसरे से खेलेंगी। इसके बाद हर ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। सेमीफाइनल के विजेता स्वर्ण पदक के लिए भिड़ेंगे, जबकि हारने वाली टीमों को कांस्य पदक मिलेगा।
भारत की नजर स्वर्ण पदक पर
कबड्डी एशियन गेम्स में भारत का सबसे सफल खेलों में से एक रहा है। भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने वर्षों तक इस खेल में अपना दबदबा कायम रखा है। हालांकि हाल के वर्षों में ईरान जैसी टीमों ने कड़ी चुनौती पेश की है, जिससे प्रतियोगिता और अधिक रोमांचक हो गई है।
इस बार भी भारतीय टीम अनुभव और युवा खिलाड़ियों के संतुलन के साथ मैदान में उतरेगी। पुरुष टीम से जहां लगातार शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है, वहीं महिला टीम भी पिछली सफलताओं को दोहराते हुए स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से जापान पहुंचेगी।
एशियन गेम्स 2026 का यह ड्रॉ भारतीय कबड्डी टीमों के लिए संतुलित माना जा रहा है। यदि दोनों टीमें ग्रुप चरण में अपेक्षित प्रदर्शन करती हैं, तो सेमीफाइनल में जगह बनाना मुश्किल नहीं होगा। अब खेल प्रेमियों की निगाहें सितंबर में शुरू होने वाले मुकाबलों पर हैं, जहां भारत एक बार फिर एशियाई कबड्डी में अपना वर्चस्व साबित करने की कोशिश करेगा।