रानी कपूर विवाद: कोर्ट की रोक

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 14-05-2026
Rani Kapoor controversy: Court stay
Rani Kapoor controversy: Court stay

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर और उनकी पत्नी प्रिया कपूर से कहा कि वे ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे मध्यस्थता प्रक्रिया सीधे प्रभावित हो।
 
उल्लेखनीय है कि रानी कपूर और प्रिया कपूर के बीच पारिवारिक ट्रस्ट को लेकर विवाद है।
 
उच्चतम न्यायालय ने सात मई को भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को पारिवारिक ट्रस्ट विवाद में मध्यस्थ नियुक्त किया था।
 
न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि सभी पक्षों के हित में यही होगा कि इस पूरे विवाद को सौहार्दपूर्ण तरीके से समाप्त किया जाए, अन्यथा यह ‘‘लंबी कानूनी लड़ाई’’ बन जाएगी।
 
न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ 80 वर्षीय रानी कपूर द्वारा दायर उस आवेदन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 18 मई को होने वाली रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक को लेकर चिंता जताई थी।
 
रानी कपूर की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड की मूल कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी है।
 
पीठ ने गौर किया कि रानी कपूर बैठक के एजेंडे में शामिल उन चीजों को लेकर चिंतित थीं जो दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति और कंपनी के बैंक खातों के संचालन के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में कुछ संशोधन से संबंधित हैं।
 
प्रिया कपूर और रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड सहित प्रतिवादियों की ओर से पेश वकील ने कहा कि स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए और यह बैठक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कुछ निर्देशों के तहत बुलाई गई है।
 
पीठ ने कहा, ‘‘फिलहाल हम इस मामले में और कुछ कहना नहीं चाहते। हमने पहले ही मध्यस्थ से मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है। अभी के लिए हम पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे ऐसा कुछ न करें जिससे मध्यस्थता प्रक्रिया सीधे प्रभावित हो।’’