पुणे, महाराष्ट्र
पुणे में 56 वर्षीय व्यवसायी सादिक हुसैन, जिन्हें उनके कार्यालय में मृत पाया गया, के बेटे ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता 2012 से लगातार उत्पीड़न झेल रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
बेटे ने कहा,"जैसे ही उन्होंने जमीन खरीदी, वे लोग मेरे पिता को लगातार परेशान कर रहे थे। मेरे पिता ने हर दस्तावेज, शिकायत और रिकॉर्ड संभाल कर रखा था। इसके बावजूद पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया।"
उन्होंने आगे बताया कि आरोपियों ने उनके पिता को जान से मारने की धमकी भी दी। फ़रूक यासीन इनामदार, सुफ़ियान इनामदार और ज़ाहूर सैयद ने उनके खिलाफ झूठे मामले बनाए। अधिवक्ता क़बीर शेख और मुन्ना जागीरदार भी इसमें शामिल थे। बेटे ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उगाही के लिए पैसे की मांग की और झूठे मामले रचे।
हुसैन के बेटे ने दुख जताते हुए कहा,"मेरे पिता ने पुलिस पर पूरा विश्वास खो दिया था। उनके पास सभी प्रमाण मौजूद थे, लेकिन फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मुझे उनके सुसाइड की जानकारी परिवार और मित्रों के जरिए मिली। मौके पर मुझे कई सुसाइड नोट भी मिले।"
पुलिस ने बताया कि सादिक हुसैन (उर्फ़ बाबू कपूर), सैयद नगर, हडपसर के निवासी, अपने कैंप क्षेत्र स्थित ऑफिस में लटकते पाए गए। घटनास्थल से दो पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें से एक हिस्सा कागज पर और दूसरा हाथ पर लिखा था।
सुसाइड नोट में फ़रूक इनामदार और तीन अन्य लोगों का नाम लिया गया था, जिन पर ₹50 लाख की उगाही और लगातार मानसिक उत्पीड़न का आरोप है। इसके आधार पर और बेटे की शिकायत पर लश्कर पुलिस स्टेशन में BNS सेक्शन 108, 308(2) और 3(5) के तहत FIR दर्ज की गई।
पुलिस जांच कर रही है कि यह मामला सैयद नगर की पांच गुंथों की जमीन विवाद से सीधे जुड़ा है या नहीं। डीसीपी राजलक्ष्मी शिवंकर ने कहा,"सुसाइड नोट बरामद हो गया है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। आरोपों की जांच की जा रही है। सभी वित्तीय लेन-देन और आरोपित व्यक्तियों की पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है।"
आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की गई और फोरेंसिक टीम तथा क्राइम ब्रांच ने स्थल का निरीक्षण किया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ससून जनरल अस्पताल भेजा गया।