आवाज द वाॅयस/ देवबंद ( उत्तर प्रदेश)
देवबंद में बालिकाओं की शिक्षा के क्षेत्र में पिछले 54 वर्षों से सतत योगदान दे रहे प्रतिष्ठित आधुनिक शैक्षणिक संस्थान पब्लिक गर्ल्स इंटर कॉलेज का 54वां स्थापना दिवस शुक्रवार को ईदगाह रोड स्थित महमूद हॉल में अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने संस्थान की आधी सदी से अधिक की शैक्षणिक सेवाओं की मुक्त कंठ से सराहना की।
समारोह में अल्पाइन पब्लिक स्कूल सहारनपुर के प्रिंसिपल शकील अहमद और इंडस्ट्रियल मुस्लिम गर्ल्स इंटर कॉलेज सहारनपुर की प्रिंसिपल अस्मा परवीन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता देश की प्रसिद्ध अफसाना निगार एवं शिक्षिका डॉ. रख़शंदा रूही मेहदी ने की। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रसिद्ध पत्रकार एवं कॉलम निगार सैयद वजाहत शाह तथा शिक्षिका ज़ेबा नाहिद ने संयुक्त रूप से किया।
स्थापना दिवस समारोह में संस्थान के संस्थापक स्वर्गीय मौलाना हसीब सिद्दीकी की शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक सेवाओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर संस्थान के मैनेजर सुहैल सिद्दीकी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि नर्सरी से कक्षा पांच तक की शिक्षा को अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित किया जा रहा है। उन्होंने अपने स्वर्गीय पिता मौलाना हसीब सिद्दीकी के दूरदर्शी व्यक्तित्व और समाज के प्रति उनके समर्पण को भी स्मरण किया।
वरिष्ठ पत्रकार अशरफ उस्मानी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि मौलाना हसीब सिद्दीकी अत्यंत दूरदर्शी और प्रखर बुद्धि के धनी थे, जिन्होंने वर्ष 1971 में उस दौर में इस संस्थान की नींव रखी, जब देवबंद में बालिकाओं की शिक्षा के लिए ऐसे किसी संस्थान की कल्पना भी नहीं की जाती थी।
पूर्व चेयरमैन इनाम कुरैशी ने भी अपने संबोधन में उनकी बहुआयामी सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए संस्थान के 54 वर्ष पूर्ण होने पर प्रबंधन, शिक्षकों और कर्मचारियों को बधाई दी।
प्रसिद्ध कॉलम निगार सैयद वजाहत शाह ने संस्थान के इतिहास और इसकी शैक्षणिक उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। नवाज़ गर्ल्स पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल फौजिया अब्दुल्लाह नवाज़ खान ने अंग्रेजी माध्यम की शुरुआत को समय की आवश्यकता बताते हुए इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त की।
मुख्य अतिथि शकील अहमद ने कहा कि वही शैक्षणिक संस्थान प्रगति करते हैं, जो समय और परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की क्षमता रखते हैं। वहीं अस्मा परवीन ने बालिकाओं की शिक्षा के महत्व और गुणवत्तापूर्ण आधुनिक शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. रख़शंदा रूही मेहदी ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत इसी संस्थान से हुई थी और आज इसे एक विशाल वटवृक्ष के रूप में देखना गर्व का विषय है।
उन्होंने संस्थान के समस्त शिक्षकों और प्रबंधन को बधाई दी।समारोह में स्वर्गीय मौलाना हसीब सिद्दीकी के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत की गई। इसके अतिरिक्त मोहतरमा हुस्न, शबाना सफवान, सफिया गोहर, शबाना ज़की और शाइस्ता उमैस सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
अंत में संस्थान की प्रिंसिपल सबा हसीब सिद्दीकी ने संस्थान की शैक्षणिक यात्रा, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई शिक्षाविदों को विशेष सम्मान से नवाज़ा गया। समारोह में संस्थान की शिक्षिकाएं, कर्मचारी, स्टाफ और छात्राओं के अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।