आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्र शासित प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा को सूचित किया कि जम्मू कश्मीर के सार्वजनिक क्षेत्र के 44 उपक्रमों (पीएसयू) में से 24 वर्तमान में घाटे में चल रहे हैं, जबकि चार इकाइयों में कामकाज पूरी तरह ठप है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि वह इन बंद पड़ी और घाटे वाली इकाइयों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उनके परिचालन एवं वित्तीय प्रदर्शन में सुधार लाने के उपायों की समीक्षा कर रही है।
विधायक जावेद रियाज के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने सदन को बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के कुल पीएसयू में से 10 का प्रदर्शन बेहतर है, जबकि 24 घाटे में हैं और चार इकाइयां निष्क्रिय स्थिति में हैं।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया, ‘‘बंद पड़े और घाटे में चल रहे पीएसयू के पुनरुद्धार तथा उन्हें मज़बूत बनाने के लिए संबंधित प्रशासनिक विभाग बुनियादी ढांचे और श्रमशक्ति से जुड़े उपायों की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि इनके कामकाज और वित्तीय स्थिति में सुधार लाया जा सके।’’