Much stricter rules are needed on 'deepfakes', talks are on with the industry: Ashwini Vaishnav
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि ‘डीपफेक’ की समस्या तेजी से बढ़ रही है और बच्चों व समाज की सुरक्षा के लिए इससे निपटने के वास्ते कहीं अधिक कड़े नियमों की जरूरत है।
‘डीपफेक’, कृत्रिम मेधा (एआई) से तैयार की गई ऐसी तस्वीरें व वीडियो होती हैं जो नकली होने के बावजूद असली प्रतीत होती हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार मौजूदा प्रावधानों से आगे अतिरिक्त सुरक्षा उपायों को लेकर उद्योग जगत से परामर्श शुरू कर चुकी है।
मंत्री ने कहा कि ‘डीपफेक’ और उम्र आधारित प्रतिबंधों से निपटने को लेकर सोशल मीडिया मंचों से बातचीत जारी है, ताकि इस मुद्दे पर सबसे उपयुक्त तरीके से निपटा जा सके।
मंत्री ने कहा कि कोई भी कंपनी चाहे वह नेटफ्लिक्स, यूट्यूब, मेटा या एक्स हो, सभी को देश के कानूनी ढांचे और संविधान का पालन करना होगा।
वैष्णव ने कहा कि ‘डीपफेक’ की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है और इससे निपटने के लिए कड़े नियमन की जरूरत है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि ‘डीपफेक’ पर कहीं ज्यादा कड़े नियम चाहिए। यह समस्या रोजाना बढ़ती जा रही है। बच्चों और समाज को इनसे होने वाले नुकसान से बचाना बेहद जरूरी है… हमें पहले से मौजूद नियमों के अतिरिक्त नियमन चाहिए, इस पर उद्योग जगत के साथ बातचीत शुरू की जा चुकी है।’’
उन्होंने बताया कि संसदीय समिति ने भी इस विषय पर गहराई से गौर किया है।