आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को कहा कि ये आशंकाएं “काफी हद तक बेबुनियाद हैं” कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों की जगह ले सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रौद्योगिकी पूरे चिकित्सा जगत के लिए फायदेमंद साबित होगी।
राष्ट्रीय राजधानी के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित ‘एआई इंपैक्ट समिट 2026’ को संबोधित करते हुए अनुप्रिया ने चिकित्सा जगत से एआई आधारित प्रौद्योगिकियों का ज्ञान हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने किफायती एआई समाधानों के विकास पर भी जोर दिया, जिनका इस्तेमाल नैतिक और जिम्मेदाराना तरीके से किया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने रोग निगरानी से लेकर रोकथाम, निदान और उपचार तक संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली में एआई को एकीकृत कर लिया है।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल और हमारे स्वास्थ्य पेशेवरों पर इसके संभावित प्रभावों को लेकर काफी बहस चल रही है।