मुज़फ़्फ़राबाद [PoJK]
पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, बुनियादी अधिकारों की मांग की और कथित हत्याओं व नागरिक आज़ादी पर लगी पाबंदियों के लिए जवाबदेही की मांग की। सुधनोती में 13 अगस्त को धरना प्रदर्शन हुआ, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और अपने अधिकारों की मांग की। यह प्रदर्शन इलाके के हालात को लेकर लोगों में बढ़ते गुस्से और चिंता को दिखाता है। वहीं, हाजीरा मंधोल में छात्र सड़कों पर उतरे और अपने बुनियादी अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान हज़ारों छात्र और स्थानीय लोग इकट्ठा हुए और अधिकारियों को यह संदेश दिया कि उनके अधिकार छीने नहीं जा सकते।
प्रदर्शनकारियों ने पिछले प्रदर्शनों के दौरान मारे गए लोगों के लिए जवाबदेही की भी मांग की और कहा कि जान गंवाने वालों के बलिदान को भुलाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने PoJK से पाकिस्तानी सेना को तुरंत हटाने की भी मांग की। ब्रसेल्स में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर भी एक अलग प्रदर्शन हुआ, जहाँ यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) के नेता साजिद हुसैन ने PoJK में मानवाधिकारों की बिगड़ती स्थिति के बारे में बात की। समर्थकों को संबोधित करते हुए हुसैन ने कहा कि इस प्रदर्शन का मकसद इलाके में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन की ओर यूरोपीय संस्थाओं का ध्यान खींचना था।
हुसैन ने 5 जून को JKJAAC नेता सरदार उमर नज़ीर पर हुए कथित हमले का ज़िक्र किया और दावा किया कि नज़ीर हत्या की कोशिश में घायल हो गए थे, जबकि उनके दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि लोग अपना विरोध दर्ज कराने के लिए 5 जून से ही सड़कों पर उतर रहे हैं और विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन लगभग तीन साल से जारी हैं। हुसैन ने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी, PoJK सरकार और पाकिस्तान सरकार के बीच 4 अक्टूबर, 2025 को हुए समझौते का भी ज़िक्र किया और कहा कि इस समझौते को लागू नहीं किया गया है।
हुसैन के अनुसार, समझौते को लागू करने के बजाय अधिकारियों ने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी को प्रतिबंधित और आतंकवादी संगठन करार दिया है। ब्रसेल्स में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर खड़े होकर हुसैन ने प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी बताने की बात को खारिज किया और कहा कि वे शांतिप्रिय लोग हैं जो अपने बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे हैं। हुसैन ने यूरोपीय संसद, यूरोपीय आयोग और यूरोपीय एक्सटर्नल एक्शन सर्विस समेत यूरोपीय संस्थाओं से PoJK के हालात पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने पाकिस्तान से PoJK में मानवाधिकारों का सम्मान करने और जिसे उन्होंने बेगुनाह लोगों की हत्या बताया, उसे रोकने की मांग की।